रायपुर, अमृत टुडे। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आज प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी का आयोजन करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस व्यापक विरोध के दौरान, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में, जैसे कि रायपुर, सरगुजा, बस्तर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग में, सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज उठाई। राजधानी रायपुर में, वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर के निकट, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम किया, जिसके परिणामस्वरूप प्रमुख मार्गों पर यातायात की व्यवस्था गंभीर रूप से बाधित हो गई। इस स्थिति के कारण वाहन चालकों और आम नागरिकों को लंबा इंतजार करना पड़ा, जिससे उनकी दैनिक गतिविधियां प्रभावित हुईं।

इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने भाग लिया, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल थे। उन्होंने स्वयं सड़क पर उतरकर अपने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर इस मुद्दे पर विरोध जताते हुए दिखे। उनके साथ इस आंदोलन में कई वरिष्ठ नेता और विधायक भी उपस्थित थे, जिन्होंने एकजुटता का परिचय दिया। कांग्रेस ने चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताते हुए केंद्र सरकार और ईडी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, और यह आरोप लगाया कि यह कदम राजनीतिक लाभ के लिए उठाया गया है।
कांग्रेस का कहना है कि यह न केवल गलत है, बल्कि लोकतंत्र की भावना के खिलाफ भी है। केंद्र सरकार पर आरोप लगाया जा रहा है कि वह केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है, जिससे विपक्षी नेताओं को लक्षित किया जा रहा है। इस स्थिति को लेकर पार्टी ने स्पष्ट घोषणा की है कि जब तक चैतन्य बघेल को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इसके चलते, विरोध प्रदर्शन के कारण प्रशासन को भी सक्रिय और सतर्क रहने की आवश्यकता पड़ी। सुरक्षा की दृष्टि से, कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल को तैनात किया गया था, ताकि किसी भी संभावित स्थिति का प्रभावी तरीके से सामना किया जा सके। इस प्रकार, स्थिति की समानांतर परिष्कृत निगरानी और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की गई है, जिससे शांति एवं व्यवस्था बनी रह सके।

