रायपुर,अमृत टुडे । रायपुर में भगवान शिव के अनन्य भक्तों ने अपार श्रद्धा और गहरी आस्था के साथ भव्य कावड़ यात्रा का आयोजन किया। इस भव्य यात्रा की शुरुआत मारुति मंगलम से हुई, जो विभिन्न विशेष आयोजनों के साथ आज के दिन को संजीवनी प्रदान करने वाला बन गया, और यह यात्रा महादेव घाट में भव्यता के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर, सावन के पवन पर्व के मद्देनजर, मुख्यमंत्री ने शिवभक्तों के बीच पहुंचकर उनके उत्साह को और भी बढ़ाने का कार्य किया।

कावड़ यात्रा का नेतृत्व रायपुर पश्चिम के विधायक और पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने किया, जिन्होंने इस अद्वितीय धार्मिक अनुष्ठान को सुचारू रूप से आयोजित किया। हर वर्ष की तरह, इस बार भी यात्रा का आयोजन अत्यंत भव्य तरीके से किया गया, जिसमें हजारों शिवभक्तों ने जल चढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से सहभागिता दिखाई। इस महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, विधायक पुरंदर मिश्रा और विधायक मोतीलाल साहू जैसे प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई।
यह आयोजन न केवल भक्ति का प्रतीक था, बल्कि स्थानीय समुदाय का संगम और एकता का संदेश भी प्रदान करता है।
यात्रा के पूरे मार्ग को भक्ति संगीत, भगवा झंडों और सुरक्षा व्यवस्था से प्रभावी ढंग से सजाया गया था, जिससे उसका वातावरण अत्यंत आकर्षक और आध्यात्मिक हो गया था। कावड़ यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सावन माह के इस पवित्र महा के अवसर पर प्रदेश के सभी निवासियों को उन्होंने बहुत शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ध्यान दिलाया कि श्रावण मास के इस विशेष पर्व पर, राजधानी में हर वर्ष की भांति, इस वर्ष भी भव्य कावड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह कावड़ यात्रा एकता, श्रद्धा और संस्कृति का प्रतीक बनकर उभरी है, जो न केवल धार्मिक आस्था को प्रदर्शित करती है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ लाने का कार्य भी करती है।
इस महत्वपूर्ण आयोजन में शामिल होने का सौभाग्य आज हम सभी लोगों को प्राप्त हुआ है, और यह हमारे लिए एक विशेष अवसर है। इस वर्ष की यात्रा हमारे विधायक और पूर्व मंत्री रह चुके राजेश मूणत के नेतृत्व में निकाली गई है, जो इस आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आयोजकों और प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा में कोई कठिनाई न हो। बड़ी संख्या में शिव भक्तों ने आज इस यात्रा में हिस्सा लिया और उन्होंने अपनी भक्ति भावना के साथ भगवान शिव को जल अर्पित किया। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक धरोहर का भी सम्मान करती है।

