रायपुर 04 अगस्त 2025
अमृत टुडे। छत्तीसगढ़ सरकार आज से “बने खाबो — बने रहिबो” नामक एक महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत कर रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित, स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक खानपान के प्रति जागरूक करना है। यह व्यापक अभियान 4 अगस्त से 6 अगस्त तक पूरे प्रदेश के 33 जिलों में चलाया जाएगा, ताकि अधिकतम लोगों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित की जा सके। इस कार्यक्रम का आयोजन खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग तथा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है, जो कि इस क्षेत्र में उनके प्रतिबद्धता और प्रयासों को दर्शाता है।

इस अभियान के दौरान, खाद्य प्रदायकर्ताओं जैसे होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, कैटर्स आदि को FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) के दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वे अपने ग्राहकों के लिए भोजन को अधिक सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से तैयार और परोस सकें। इसके साथ ही, इस अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य आम जनता को स्वच्छता, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी सकारात्मक आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करना है, जिसके परिणामस्वरूप व्यक्तियों की स्वास्थ्य को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है।
इस विस्तृत अभियान का विशेष फोकस बच्चों, युवाओं, दुकानदारों और घरों में भोजन बनाने वालों पर रहेगा, ताकि हर एक वर्ग के लोग इस जागरूकता के लाभ उठा सकें और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव ला सकें। इससे न केवल खाद्य सुरक्षा में सुधार होगा, बल्कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण में भी सहायक होगा।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री, श्याम बिहारी जायसवाल, ने आज इस महत्वपूर्ण अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर, स्वस्थ मंत्री ने खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं को हरी झंडी दिखाकर, इस पहल की औपचारिक शुरुआत की। यह सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के निवासी केवल स्वादिष्ट भोजन का आनंद न लें, बल्कि साथ ही साथ वे पोषणयुक्त और सुरक्षित भोजन को भी अपने दैनिक आहार में शामिल करें। इस व्यापक प्रयास का उद्देश्य यह है कि प्रदेशवासियों के बीच स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना और उन्हें इस विषय में जागरूक करना ताकि एक स्वस्थ, जागरूक और मजबूत छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव हो सके। इस अभियान के माध्यम से, सरकार उम्मीद करती है कि सभी नागरिक इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएंगे व अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देंगे।
