रायपुर, 06 अगस्त 2025
अमृत टुडे। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई बिजली माफी योजना के तहत 400 यूनिट तक की बिजली की सेवा को घटाकर 100 यूनिट करने के निर्णय के खिलाफ आज राजधानी रायपुर के डंगनिया में स्थित विद्युत विभाग के मुख्यालय पर युवा कांग्रेस, जिला कांग्रेस कमेटी और एनएसयूआई ने मिलकर एक उग्र और प्रभावशाली प्रदर्शन आयोजित किया। इस प्रदर्शन का मार्गदर्शन युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने किया, जिन्होंने अपनी पारस्परिक प्रतिबद्धता और संघर्ष के प्रति दृढ़ता को दर्शाया।

इस दौरान, बड़ी संख्या में महिलाएं और कांग्रेस पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता इस आंदोलन में भाग लेते हुए दिखाई दिए। प्रदर्शनकारी न केवल अपनी आवाज उठाने के लिए एकत्र हुए, बल्कि उन्होंने “महतारी वंदन का पैसा वापस करो”, “400 यूनिट बिजली योजना बहाल करो”, और “छत्तीसगढ़ की महिलाओं को ठगना बंद करो” जैसे क्रांतिकारी और जोशीले नारे लगाकर सरकार के प्रति अपने आक्रोश और असहमति को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया।

इसके अतिरिक्त, कुछ प्रदर्शनकारियों ने मुख्यालय के गेट को तोड़ने का प्रयास किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे अपनी मांगों को लेकर कितने गंभीर हैं। वहीं, दूसरे गेट पर धरना देते हुए, उन्होंने सरकार के विवादास्पद फैसले के खिलाफ और भी जोरदार नारेबाजी की, जो दर्शाता है कि वे इस मुद्दे को लेकर कितने चिंतित और सक्रिय हैं। इस प्रकार, यह प्रदर्शन न केवल छत्तीसगढ़ की बिजली नीति के खिलाफ था, बल्कि यह प्रदर्शन राज्य में महिलाओं और आम लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक समर्पित आवाज भी प्रस्तुत करता है।
प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने यह स्पष्ट करते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार, जो अनायास ही प्रमुख उद्योगपतियों जैसे अदानी को विशेष लाभ पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है, उस प्रक्रिया में आम जनता की भलाई के लिए बनाई गई योजनाओं में कटौती कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार ने जनता को राहत प्रदान करने के इरादे से 400 यूनिट तक की बिजली खपत के लिए बिल में कटौती करने की योजना को लागू किया था। हालांकि, वर्तमान सरकार ने इस महत्वपूर्ण योजना को बदलकर केवल 100 यूनिट तक सीमित कर दिया है, जिसे प्रदेश अध्यक्ष ने जनविरोधी निर्णय करार देते हुए इससे असहमति व्यक्त की और कहा कि उनके कार्यकर्ताओं द्वारा इस फैसले का विरोध जारी रहेगा।
उन्होंने आगे बताया कि विद्युत विभाग के किसी अधिकारी ने संवाद की कोशिश का सकारात्मक जवाब नहीं दिया, बल्कि प्रदर्शन कर रहे लोगों को रोकने के लिए पुलिस बल को बुलाया गया। यह व्यवहार स्पष्ट रूप से लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन करता है। इस विरोध प्रदर्शन में कई वरिष्ठ नेता और पार्टी के पदाधिकारी शामिल हुए, जिनमें प्रमुखता से गिरीश दुबे (जिला कांग्रेस अध्यक्ष), प्रमोद दुबे (पूर्व महापौर), पंकज शर्मा (छाया विधायक), भावेश शुक्ला (महासचिव), नीरज पांडेय (NSUI प्रदेश अध्यक्ष) और अन्य कई गणमान्य नेता जैसे ज्ञानेश शर्मा, अमित शर्मा, विनोद कश्यप, तुषार गुहा (मीडिया विभाग अध्यक्ष) और शिव कुमार मेनन, तुषारा पांडे शामिल थे। यह प्रदर्शन इस बात का प्रतीक था कि पार्टी के सदस्य और संबंधित समुदाय अपनी आवाज उठाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।

