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डेयरी उद्यमिता विकास योजना से सुखसागर को मिला आर्थिक स्वावलंबन…..

ByPreeti Joshi

Aug 25, 2025 ##Chhattisgarh, ##NEWS, ##कार्यक्रम, ##छत्तीसगढ़, ##मुख्यमंत्री, ##विष्णुदेव साय, #amrittoday, #amrittoday.in छत्तीसगढ़ न्यूज, #BIG NEWSMID, #Breaking, #Breaking news, #cg news, #chhattisgarh breaking news, #chhattisgarh hindi news, #chhattisgarh latest news, #Chhattisgarh news, #chhattisgarh news in hindi, #chhattisgarh news live today, #chhattisgarh news today, #chhattisgarhi news, #DAY NEWS, #Exclusive, #Hindi News, #HINDICHHATTISGARH, #KA SILSILATODAY'S, #latest news, #NEWSCHHATTISGARH, #NEWSHINDI, #NEWSINDIA, #NEWSKHABRON, #NEWSTODAY'S, #Today breaking news, #today news, #TODAY'S LATEST, #UPDATE, #अभी-अभी, #अमृत टुडे, #आज की ताजा खबर, #इंडिया न्यूज़, #किसान, #खबरछत्तीसगढ़, #गौपालकों, #छत्तीसगढ़ न्यूज़, #जशपुर जिले, #न्यूजछत्तीसगढ़, #पशुधन विकास विभाग, #बगीचा विकासखण्ड, #राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता विकास योजना, #राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान, #लाभ, #लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज, #विभागीय योजनाओं, #सुखसागर, #हिंदीछत्तीसगढ़
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रायपुर, अमृत टुडे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप पशुधन विकास विभाग द्वारा जशपुर जिले के गौपालकों को विभागीय योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में बगीचा विकासखण्ड के किसान सुखसागर यादव ने राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता विकास योजना तथा राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम अंतर्गत नस्ल सुधार योजना का लाभ लेकर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है।

यादव एक सामान्य किसान हैं। योजना का लाभ प्राप्त करने से पूर्व उनके पास केवल एक देसी गाय थी, जो प्रतिदिन लगभग एक लीटर दूध ही देती थी। इस दूध का उपयोग परिवार की आवश्यकता पूर्ति तक ही सीमित था और पशुपालन से कोई अतिरिक्त आय नहीं होती थी। पशुधन विकास विभाग द्वारा राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के अंतर्गत उन्हें 70 हजार रूपए का अनुदान प्रदान किया गया। इसके सहयोग से उन्होंने एक उन्नत नस्ल की जर्सी गाय और एक साहीवाल क्रॉस गाय खरीदी। साथ ही राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के अंतर्गत नस्ल सुधार का भी लाभ मिला।

वर्तमान में यादव की डेयरी से प्रतिदिन 16 से 18 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। इसका विक्रय कर उन्हें प्रतिमाह 25 से 30 हजार रूपए तक की आय प्राप्त हो रही है। इसके अतिरिक्त कृत्रिम गर्भाधान से प्राप्त उन्नत नस्ल की बछिया और बाछा उनके पशुधन को और सुदृढ़ बना रहे हैं। पशुधन विभाग द्वारा समय-समय पर उनके पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, कृमिनाशक दवाओं एवं मिनरल मिक्सचर की उपलब्धता तथा तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाता है। शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अपनी लगन व परिश्रम से सुखसागर यादव आज आर्थिक रूप से मजबूत हुए हैं और अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बने हैं।

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