रायपुर, अमृत टुडे। बस्तर क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के संकट के बीच, भारतीय वायुसेना ने मंगलवार के दिन एक साहसिक और महत्वपूर्ण अभियान चलाकर छह ग्रामीणों की जान बचाने में सफलता प्राप्त की। इनमें महिलाओं और एक छोटे बच्चे सहित विभिन्न लोग शामिल थे, जो इस आपदा के दौरान अपने जीवन की सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे थे। दक्षिण छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण इंद्रावती नदी अपने उफान पर है, जिससे मंदार गांव सहित उसके आसपास के इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं।

पानी का स्तर अचानक बढ़ जाने के कारण, कई ग्रामीण अपने घरों की छतों पर फंसे रह गए, जिससे उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ। जब स्थिति और अधिक बिगड़ने लगी और स्थानीय प्रशासन ने समस्या से निपटने के लिए आवश्यक उपाय खोजने शुरू किए, तब उन्होंने भारतीय वायुसेना से मदद मांगी।

इसके बावजूद कि मौसम अनुकूल नहीं था, वायुसेना के Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर ने जगदलपुर एयरफील्ड से उड़ान भरकर मौके पर पहुँचने का साहसिक निर्णय लिया। हेलीकॉप्टर ने आस-पास के क्षेत्र में हवाई तलाशी के दौरान उन ग्रामीणों को देखा, जो अपने-अपने घरों की छतों पर फंसे हुए थे, और उनकी चारों ओर तेज बहाव और ऊँचे पेड़ दिख रहे थे, जो स्थिति को और भी गंभीर बना रहे थे।

चूंकि हेलीकॉप्टर को सीधे जमीन पर उतारना संभव नहीं था, इसलिए वायुसेना के गरुड़ कमांडो को रस्सी के सहारे नीचे उतारा गया। उन्होंने अपनी बहादुरी और कुशलता से एक-एक करके सभी फंसे हुए ग्रामीणों को सुरक्षित रूप से हेलीकॉप्टर तक पहुँचाया, जिससे उनकी जान बचाई जा सकी। इस प्रकार, वायुसेना का यह अभियान तात्कालिक मानवीय सहायता के महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा गया है।
करीब आधे घंटे तक चलने वाले इस अत्यावश्यक रेस्क्यू अभियान में, सभी छह ग्रामीणों को सुरक्षित और सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया। इस दौरान वायुसेना की टीम द्वारा की गई त्वरित और जोखिम भरी कार्रवाई को स्थानीय प्रशासन ने उच्च स्तर पर सराहा, जबकि प्रभावित ग्रामीणों ने भी उनकी बहादुरी और दक्षता की प्रशंसा की। यह अभियान, जो जीवन और मृत्यु के बीच का था, ने दिखाया कि किस प्रकार त्वरित निर्णय और सुनिश्चित रणनीतियाँ अतिमानवीय परिस्थितियों में भी लोगों की जान बचाने में सक्षम होती हैं।

