रायपुर, अमृत टुडे। देशभर से लगभग 100 प्रतिभाशाली लेखक और साहित्यकार इस विशेष आयोजन में भाग लेने के लिए उपस्थित होंगे, जो कि साहित्य प्रेमियों के लिए एक अद्वितीय अवसर साबित होगा।
इस आयोजन के केंद्र में होंगे सुप्रसिद्ध साहित्यकार, जिनमें विनोद कुमार शुक्ल, राहगीर, फैसल मलिक, दिव्य प्रकाश दुबे, और नीलोत्पल मृणाल शामिल हैं। रायपुर के साहित्य प्रेमी इन प्रतिष्ठित लेखकों की विचारधारा और रचनाओं को सुनने का विशेष अवसर प्राप्त करेंगे, जो निश्चित रूप से उन्हें प्रेरित करेगा और साहित्य के प्रति उनके प्रेम को और भी बढ़ाएगा।

इस आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ी कला और संस्कृति की एक सुंदर झलक देखने को मिलेगी, जो कि सभी उपस्थित लोगों के लिए एक समृद्ध अनुभव होगा। “छत्तीसगढ़: मंच खुला है” नामक ओपन माइक के इस डेडीकेटेड मंच पर साहित्यिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा, जो क्षेत्र के युवा कलाकारों को अपना गुण दर्शाने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगा।

पिछले 6 माह में विनोद कुमार शुक्ल की किताबों की रॉयल्टी की रकम 30 लाख रुपए को ससम्मान उनके समर्पित कार्य के लिए प्रदान किया जाएगा, जो उनकी साहित्यिक यात्रा और योगदान के प्रति एक प्रशंसात्मक संकेत है। इस प्रकार, यह आयोजन न केवल साहित्यिक प्रतिभा का उत्सव होगा, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की सामाजिक और सांस्कृतिक धरोहर को भी सम्मानित करेगा।

राजधानी रायपुर में साहित्य प्रेमियों के लिए एक विशेष अवसर प्रस्तुत किया जा रहा है, जब 2 दिवसीय ‘हिंद युग्म उत्सव 2025’ का आयोजन गर्व के साथ किया जाएगा। यह समारोह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धारा में एक अनूठा मील का पत्थर स्थापित करेगा, क्योंकि राज्य पहली बार इस गौरवमयी उत्सव का साक्षी बनेगा। निर्धारित तिथियाँ 20 और 21 सितम्बर को रायपुर के प्रतिष्ठित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में कई प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियों का भव्य आयोजन होगा, जिसमें लुभावनी कहानियाँ, अर्थपूर्ण कविताएँ, जीवंत संगीत और अद्वितीय कला का एक संगम देखने को मिलेगा।
इस आयोजन का महत्व कई दृष्टियों से बहुत ख़ास है, क्योंकि इसमें साहित्य जगत की कई बड़ी हस्तियों को आमंत्रित किया गया है, जिन्होंने अपने काम के माध्यम से समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा, इस दौरान उपस्थित लोग खासतौर पर राहगीर, फैजल मलिक (पंचायत फेम) और नीलोत्पल मृणाल जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों और साहित्यकारों के विचारों और अनुभवों को सुनने और उनके साथ संवाद करने का सुनहरा अवसर प्राप्त करेंगे। ‘हिंद युग्म उत्सव 2025’ विशेष रूप से भारतीय साहित्य के बहुत ही प्रसिद्ध और सम्मानित साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को केंद्र में रखकर आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर शुक्ल जी पर केंद्रित एक डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो उनके साहित्य में योगदान को रेखांकित करेगी।

हिंद युग्म के संस्थापक शैलेश भारतवासी ने जानकारी दी है कि हिंदी साहित्य की किताबों की बिक्री में वृद्धि हो रही है, जो इस बात का प्रमाण है कि पाठकों का रुझान हिंदी साहित्य की ओर बढ़ रहा है। इस संदर्भ में, लेखक विनोद कुमार शुक्ल को इस वित्तीय वर्ष में अब तक लगभग 6 माह की रॉयल्टी की रकम 30 लाख रुपए का सन्मान देने का निर्णय लिया गया है, जो इस आयोजन को और भी विशेष बनाता है।
इसके अलावा, इस विशेष आयोजन में शामिल हो रहे साहित्यप्रेमियों को विविध प्रकार की आकर्षक गतिविधियों का अनुभव प्राप्त होगा। इनमें शामिल होंगे किताबों की दुनिया और उसके नवीनतम ट्रेंड पर गहन परिचर्चाएँ, जहां विशेषज्ञ साहित्यकार एवं विचारक अपने विचार साझा करेंगे। इसके साथ ही, प्रतिभागियों को लेखकों से प्रत्यक्ष मुलाक़ात का अवसर भी प्रदान किया जाएगा, जिससे वे अपने पसंदीदा लेखकों के विचार और रचनाओं के पीछे की प्रेरणाओं के बारे में जान सकेंगे। सिने-अभिनेताओं और सिनेमा-विशेषज्ञों से संवाद और मुलाक़ात का आयोजन भी किया जाएगा, जहाँ उपस्थित लोग फिल्म उद्योग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा कर सकेंगे।
हिन्दवी के ‘कैंपस-कविता’ कार्यक्रम का विशेष आयोजन भी किया जाएगा, जो युवा प्रतिभाओं को अपने काव्य-प्रतिभा का प्रदर्शन करने का एक मंच प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त, ‘छत्तीसगढ़: मंच खुला है’ शीर्षक वाले ओपन माइक का एक डेडीकेटेड मंच मौजूद रहेगा, जहाँ 200 से अधिक नई प्रतिभाएँ अपनी प्रस्तुतियाँ देंगी और अपनी आवाज़ को सशक्त बनाएंगी। इस कार्यक्रम में संगीतमय शाम, स्टैंड-अप कॉमेडी, और बच्चों तथा बड़ों के लिए टेराकोटा एवं पेंटिंग जैसी क्रिएटिव कार्यशालाओं का भी समावेश रहेगा।
इसके अलावा, देशभर के सभी महत्वपूर्ण प्रकाशक अपने पुस्तक प्रदर्शनी के माध्यम से अपनी नवीनतम रचनाएँ प्रस्तुत करेंगे, जिससे पाठकों को उनकी पसंदीदा किताबें खरीदने का अवसर मिलेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर विशेष सत्र एवं प्रेजेंटेशन का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें इस तकनीक के साहित्यिक और सामाजिक प्रभावों पर चर्चा की जाएगी। नई किताबों का लोकार्पण और आने वाली किताबों के कवर-रिलीज कार्यक्रम भी होंगे, साथ ही कहानी कहने (स्टोरीटेलिंग) और लाइव-सिंगिंग का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा।
इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की अनोखी संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य के लोकनृत्य, लोकगायन, और लोक-कलाओं का थ्रीडी प्रदर्शन शामिल होगा। इसके अलावा, स्थानीय कलाकारों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स, मूर्तियाँ, और विभिन्न शिल्प का प्रदर्शन किया जाएगा। फूड स्टॉल्स पर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का लुत्फ उठाने का भी अवसर मिलेगा, जिससे उपस्थित लोग एक संपूर्ण सांस्कृतिक अनुभव का आनंद ले सकेंगे।
यह गौरतलब है कि हिंद युग्म उत्सव, जो कि देश का एक मात्र घुमंतू साहित्य उत्सव के रूप में जाना जाता है, प्रत्येक वर्ष भारत के विभिन्न शहरों में आयोजित किया जाता है। इस उत्सव का लक्ष्य साहित्य, कला और संस्कृति के प्रति जागरूकता फैलाना और एक ऐसा मंच प्रदान करना है जहाँ विभिन्न पृष्ठभूमियों से आने वाले प्रतिभाशाली लेखक और कलाकार एकत्रित हो सकें। आगामी चौथे संस्करण का आयोजन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में, अभिकल्प फाउंडेशन और संज्ञा पीआर के संयुक्त तत्वाधान में, 20 और 21 सितंबर 2025 को किया जाएगा। इससे पहले, इस उत्सव के तीन सफल संस्करण बाड़मेर, वाराणसी और भोपाल जैसे शहरों में आयोजित किए गए थे।
इस विशेष उत्सव में, देश के चारों कोनों से लेखक, साहित्यकार, विचारक, विषय-विशेषज्ञ, कलाकार, अभिनेता, और सिनेमा से जुड़े विशेषज्ञ एकत्रित होते हैं। यहाँ, वे न केवल अपने विचार और अनुभव साझा करते हैं बल्कि लेखन, कला, साहित्य और किताबों की दुनिया पर सारगर्भित चर्चा भी करते हैं। इस प्रकार से, हिंद युग्म उत्सव साहित्यिक समुदाय और संस्कृति के संवर्धन का एक महत्वपूर्ण स्त्रोत बनकर उभरा है, जहाँ विचारों का आदान-प्रदान होता है और नए सुझावों एवं दृष्टिकोणों का स्वागत किया जाता है।

