छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि…..
रायपुर, अमृत टुडे। एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के कर्मचारी आज नियमितीकरण की मांग के समर्थन में व्यापक स्तर पर आंदोलन के लिए एकत्रित हुए हैं।
यह आंदोलन उस समय हो रहा है जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पहले ही वादा किया था कि यह मुद्दा मोदी द्वारा की गई गारंटी के तहत 100 दिन के भीतर सुलझा दिया जाएगा।

हालांकि,
अब 21 महीनों से अधिक समय बीत चुका है जबकि कर्मचारी अपनी नौकरी के अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं और ऐसी स्थिति में उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की कार्रवाई की जा रही है। यह स्पष्टतः भाजपा की दमनकारी नीतियों का हिस्सा है, जो यह दर्शाता है कि जब वादा किया गया था, तब भाजपा के नेताओं को इस बात की पूरी जानकारी थी कि वे उसे कैसे पूरा करेंगे।
इस बीच,
एनएचएम के कर्मचारी अब जेल भरो आंदोलन का सहारा लेने के लिए मजबूर हो गए हैं, जिससे उनकी स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई है।

एक तरफ,
सरकार नई नौकरियों के सृजन में असफल है, वहीं दूसरी ओर, जो नौकरियां पहले से मौजूद हैं, उन्हें छीना जा रहा है।
ऐसे में, कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि एनएचएम के कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को शीघ्रता से लागू किया जाए।
इसके साथ ही,
कांग्रेस पार्टी इस दमनकारी कार्रवाई का पुरजोर विरोध करने का भी संकल्प लेती है, ताकि कर्मचारियों की आवाज को प्रभावी रूप से सुना जा सके और उनके अधिकारों की रक्षा की जा सके।
न्यूड पार्टी मामले में जिस प्रकार से एक मंत्री के करीबी का नाम आ रहा…
न्यूड पार्टी मामले में जिस प्रकार से एक मंत्री के करीबी का नाम उभरकर सामने आ रहा है, उसके साथ ही कुछ अन्य रसूखदार व्यक्तियों का भी नाम चर्चा में है।
इस परिस्थिति को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस की जांच और कार्रवाई अब धीरे-धीरे शिथिल पड़ती जा रही है।

यह संदेह उत्पन्न करता है कि क्या यह दरअसल आरोपियों को संरक्षण देने की एक सुनियोजित साजिश है। कांग्रेस पार्टी ने इस संदर्भ में स्पष्ट रूप से मांग की है कि न्यूड पार्टी मामले में जो भी आरोपी हैं, चाहे वह मंत्री के करीबी हों या समाज में रसूख रखने वाले अन्य व्यक्तित्व, उन पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
आज हमें यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि इस विवादित पार्टी के लिए कुल 20 लोगों ने पंजीकरण कराया था। इन व्यक्तियों के नाम को सार्वजनिक किया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि उनके परिचय, रिश्तेदारों, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को यह पता चल सके कि इस प्रकार के लोग किस प्रकार के आचरण में लिप्त हैं।
इसके अलावा,
यह भी ध्यान देने योग्य है कि छत्तीसगढ़ में हाल ही में आयोजित न्यूड पार्टी के पहले कई अन्य विवादास्पद घटनाएं भी घटित हुई हैं, जैसे ड्रग्स पार्टी, रवए पार्टी, और अश्लील पार्टी।
भाजपा की सरकार इन घटनाओं को नियंत्रित करने में पूरी तरह असमर्थ प्रतीत हो रही है, और अब ऐसा लग रहा है कि सरकार का जोर केवल आरोपियों को बचाने की दिशा में लगा हुआ है।
यह स्थिति वास्तव में बेहद निंदनीय और चिंताजनक है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सत्ता में बैठे लोग मामले की गंभीरता को समझने में विफल हो रहे हैं।

