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आज से श्रीगुरु तेगबहादुर साहिब जी के 350 वीं शहीदीवर्ष में छत्तीसगढ में शहीदी यात्रा निकलेगी…..

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रायपुर, अमृत टुडे। सिक्खों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेगबहादुर साहेब जी, के 350 वें शहीदी वर्ष की विशेष स्मृति में आयोजित की जा रही शहीदी यात्रा, 3 अक्टूबर, बुधवार की सुबह 8 बजे रायपुर स्थित श्री गुरुद्वारा स्टेशन रोङ से आरंभ होगी। यह यात्रा, जो पंज प्यारों के नेतृत्व तथा गुरुग्रंथ साहेब की पवित्रता में सम्पन्न होगी, 12 अक्टूबर तक 10 दिनों के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य के 70 से अधिक प्रमुख स्थानों पर जाकर संगत को दर्शन कराने का उद्देश्य रखती है।

सिक्ख समाज छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह छाबङा एवं संयोजक सुरेन्द्र सिंह छाबङा ने बताया कि यात्रा का प्रारंभ रायपुर से होते हुए विभिन्न नगरों और स्थानों की यात्रा में विश्राम के लिए निर्धारित कार्यक्रम काफी मनोहारी और अनुशासित है। यात्रा का रूट इस प्रकार है:

3 अक्टूबर को यात्रा गुरुद्वारा स्टेशन रोङ, रायपुर से शुरू होकर टाटीबंध, कुम्हारी, तथा चरोदानेहरू नगर, भिलाई, दुर्ग, और राजगांंदगांव की ओर आगे बढ़ेगी, जहां वह रात्री विश्राम करेगी। फिर, 4 अक्टूबर को यात्रा खैरागढ़, देवकर, बेमेतरा, नवांगढ़, मुंगेली, कुंढा, एवं कवर्धा में विश्राम करेगी।

इस क्रम में, 5 अक्टूबर को यात्रा पाण्डापरई, पंढरियाइ, लोरमी, तखतपुर, पथरिया, सरगांव, बिल्हा, और बिलासपुर में रुकेगी। 6 अक्टूबर को पामगढ़, चांपा, कोरबा, एवं कटघोरा को जोड़ते हुए, यात्रा 7 अक्टूबर को मनेंद्रगढ़, चिरमिरी, बैकुंठपुर, विश्रामपुर, एवं अम्बिकापुर से आगे बढ़ेगी।

आज तक, 8 अक्टूबर को पत्थलगांव, लैलुंगा, एवं रायगढ़ की यात्रा होगी, जबकि 9 अक्टूबर को सारंगढ़, सराईपाली, बसना, पिथैरा, झलप और खारियर रोड का दौरा होगा। इसी क्रम में, 10 अक्टूबर को बागबहरा, महासमुंद, राजिम, एवं धमतरी में उक्त यात्रा के पड़ाव होंगे। अंतिम चरण में, 11 अक्टूबर को यात्रा अभनपुर, नई राजधानी होते हुए आरंग, खरोरा, बलौदाबाजार, तथा भाटापारा से गुजरेगी।

अंततः, 12 अक्टूबर को सिमगा, रांवाभाटा गुरुद्वारा से शुरू होकर, यात्रा श्री गुरु गोबिंद सिंह चौक पर नगर कीर्तन के साथ समाप्त होगी। यात्रा का समापन एक भव्य समारोह के साथ गुरु द्घारा स्टेशन रोङ, रायपुर पर सम्पन्न होगा, जो कि गुरु तेगबहादुर साहेब जी की शहादत को समर्पित होगा।

शहिदी यात्रा में गुरुओं कि यादगार निंशानिंयां जो पंजाब से रायपुर पहुंच चुकी हैं

हस्तलीखित पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि अस्त्रशस्त्र के दर्शन संगत को कराए जाएँगे, साथ ही शहीदों के बलीदान, साहस, और धर्म की रक्षा के समर्पण को भी दर्शाया जाएगा। इस संदर्भ में, श्री गुरुतेगबहादुर जी को ‘हिंद की चादर’ और ‘गुरुतेगबहादुर की उपाधी’ प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण जानकारी को यात्रा के माध्यम से समुदाय में प्रसारित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसे समझ सकें और इसके महत्व को स्वीकार कर सकें।

इसके अतिरिक्त, सिक्ख समाज छत्तीसगढ़ द्वारा 14 नवंबर को छत्तीसगढ़ के सभी गुरुद्वारों में श्री अखंड पाठ का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन एक महत्वपूर्ण सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रम है, जिसका समापन 16 नवंबर को किया जाएगा, जिसमें कीर्तन, अरदास और गुरु का लंगर शामिल होगा। इसके अलावा, नवंबर माह में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जो सामाजिक एकता और धार्मिक विश्वास को बढ़ावा देने में सहायक होंगे। सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में सकारात्मक संदेश फैलाना और धार्मिक अनुशासन को बनाए रखना है।

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