धान खरीदी और किसान योजनाओं पर कांग्रेस पर बरसे BJP विधायक
‘कांग्रेस किसान हितैषी नहीं, व्यापारी है’ – धान खरीदी मुद्दे पर बीजेपी का तीखा हमला
BJP विधायक पुरंदर मिश्रा का कांग्रेस पर पलटवार, कहा – नसीहत की जरूरत नहीं
पुरंदर मिश्रा का बयान – भूपेश सरकार में अफसर बड़बोले और भ्रष्ट थे
रायपुर,13 अक्टूबर 2025
अमृत टुडे। रायपुर से एक महत्वपूर्ण अपडेट के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक पुरंदर मिश्रा ने हाल ही में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की एक कॉन्फ्रेंस पर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा किए गए बयान पर जोरदार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि क्या भूपेश बघेल की सरकार के दौरान कलेक्टर और एसपी की बैठकें आयोजित नहीं की गई थीं? पुरंदर मिश्रा का कहना है कि कांग्रेस को अपने शासनकाल के दौरान के हालात को ध्यान में रखते हुए अपनी नीतियों की समीक्षा करनी चाहिए।
उन्होंने आगे यह इंगित किया कि उस समय कई सरकारी अधिकारी घूसखोरी और अनियमितताओं में शामिल पाए गए थे, जिनमें से कुछ को तो जेल तक भी भेजा गया था।
इस संदर्भ में,
मिश्रा ने कांग्रेस को यह स्पष्ट किया कि उन्हें किसी प्रकार की नसीहत देने की आवश्यकता नहीं है।
इसी क्रम में,
जब कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान की बात की गई, तो बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने यह सवाल उठाया कि कांग्रेस कब क्या कार्रवाई करेगी या क्या कहेगी, यह एक स्पष्टता के साथ नहीं बताया जा रहा है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कांग्रेस अपनी गतिविधियों को विधानसभा चुनाव जैसे ढंग से संचालित कर रही है।
इसके अतिरिक्त,
उन्होंने राहुल गांधी से यह सवाल किया कि क्या सभी कार्यकर्ता अपने निर्धारित शुल्क का भुगतान कर सकेेंगे और उसी के आधार पर पद प्राप्त कर सकेंगे।
भारतीय किसान संघ द्वारा किए गए एक प्रदर्शन के संदर्भ में, पुरंदर मिश्रा ने स्पष्टीकरण दिया कि हॉफ बिजली योजना की जगह अब प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना लागू की गई है।
उन्होंने इस योजना के प्रारंभिक चरण में थोड़ी सी भ्रमित स्थिति की बात की, लेकिन आश्वासन दिया कि निकट भविष्य में इस बारे में सभी जानकारियाँ स्पष्ट हो जाएँगी।
उन्होंने यह भी पुष्टि की कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत सरकार सब्सिडी प्रदान करने का कार्य कर रही है, और इसमें कुछ समय के लिए समायोजन करना आवश्यक हो सकता है।
धान की खरीदारी के विषय में बात करते हुए, बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों की भलाई के लिए कार्य नहीं कर रही, बल्कि व्यापारी के नजरिए से कार्य कर रही है।
उन्होंने कांग्रेस की 5 वर्षों की शासनकाल और बीजेपी की 2 वर्षों की सरकार के बजट की तुलना करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि सभी को यह समझ में आ सके कि विभिन्न सरकारों ने अपने-अपने कार्यकाल में खेती और किसानों के प्रति क्या दृष्टिकोण रखा है।



