उप मुख्यमंत्री ने अंतिम दौर के कार्यों का किया निरीक्षण, लोकार्पण की तैयारियों का लिया जायजा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्योत्सव पर करेंगे लोकार्पण
आधुनिक व सर्वसुविधायुक्त विधानसभा के नए भवन में छत्तीसगढ़ की संस्कृति की झलक
सदन की सीलिंग पर उकेरी गई हैं धान की बालियां, ज्यादातर फर्नीचर बस्तर के शिल्पियों द्वारा निर्मित
रायपुर, अमृत टुडे। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज के दिन नवा रायपुर में स्थित निर्माणाधीन छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के अंतिम दौर के कार्यों का गहन निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, उन्होंने नए भवन के लोकार्पण की तैयारियों का सम्यक् जायजा भी लिया, ताकि सभी पहलुओं का ध्यान रखा जा सके। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 1 नवम्बर को छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव के उपलक्ष्य में इस नए विधानसभा भवन का विधिवत लोकार्पण करेंगे।

यह नया भवन न केवल आधुनिकता को आत्मसात करता है, बल्कि इसमें छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा की झलक भी देखने को मिलेगी। विधानसभा के भीतर सदन की सीलिंग में धान की बालियां बड़े खूबसूरती से उकेरी गई हैं, जो प्रदेश की कृषि पर आधारित संस्कृति को दर्शाती हैं। इस भवन के अधिकांश फर्नीचर बस्तर के कुशल शिल्पियों द्वारा एकदम विशेष रूप से बनाए गए हैं, जो स्थानीय हस्तशिल्प का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।

उप मुख्यमंत्री साव ने विधानसभा के नवनिर्मित संपूर्ण परिसर का विस्तृत भ्रमण कर अंतिम चरण के कार्यों को देखा और वहां उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने यहां स्थापित एयर कंडीशनिंग चीलर प्लांट का भी अवलोकन किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी तकनीकी पहलू पूर्णतया कार्यशील और प्रभावी हैं। साव ने अपने समर्पण के साथ कहा कि यह नया विधानसभा भवन सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस है और इसे तीन प्रमुख सेक्टरों में विभाजित करके बनाया गया है।
भवन के सिविल कार्य अब पूर्ण रूप से संपन्न हो चुके हैं, और फिनिशिंग कार्य भी अंतिम चरण में हैं, जो जल्द ही समाप्त होगा। उप मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि दीपावली के बाद शिफ्टिंग का कार्य आरम्भ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी 1 नवम्बर को छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के 25 वर्षों का समापन होगा, और इस खास अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विधानसभा के नए भवन का औपचारिक लोकार्पण किया जाएगा।

साव ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य नित नए आयाम स्थापित कर रहा है। विधानसभा का नवीनतम यह भवन निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक बहुमूल्य उपलब्धि के रूप में अंकित होगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 25 वर्ष पूर्व, वर्ष 2000 में, रायपुर के राजकुमार कॉलेज में एक साधारण टेंट से शुरू हुए छत्तीसगढ़ के विधानसभा को अब एक अत्याधुनिक और भव्य भवन मिल रहा है, जो कि राज्य के विकास की एक नई दिशा को प्रदर्शित करेगा।
नवीन विधानसभा भवन एक समस्त सुविधाओं से युक्त, अत्यंत सुसज्जित और आधुनिक तकनीकों से लैस भवन है, जो विकासशील कार्य संस्कृति को प्रेरित करने के लिए उत्कृष्ट रूप से निर्मित किया गया है। इसे विशेष रूप से इस दृष्टिकोण के साथ डिज़ाइन किया गया है कि अगले पचास वर्षों की जरूरतों और आवश्यकताओं का ध्यान रखा जा सके। इसके निर्माण में इस बात का भी गहन विचार किया गया है कि भविष्य में विधानसभा कार्य व्यवस्थित रूप से पेपरलेस प्रणाली के तहत संचालित हो सके, जिससे कि समकालीन और पर्यावरणीय दृष्टिकोण को महत्व दिया जा सके।

सदन के भीतर स्थापित अधिकांश फर्नीचर को स्थानीय बस्तर के कुशल शिल्पकारों द्वारा तैयार किया गया है, जो न केवल कला और कौशल का उदाहरण है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को भी प्रदर्शित करता है। साथ ही, इस भवन की छत पर धान की बालियों की सुन्दर आकृतियाँ उकेरी गई हैं, जो छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति और परंपराओं को समर्पित हैं।
यह नया विधानसभा भवन छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और गहरी परंपराओं की झलक दिखाते हुए, राज्य के लगभग तीन करोड़ नागरिकों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण और प्रभावशाली निर्णय लेने के लिए एक उचित स्थान के रूप में कार्य करेगा। इस अवसर पर, विधानसभा परिसर के निरीक्षण के दौरान, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी सहित कई वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे, जो कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को औपचारिक रूप देने में सहयोग करें।
इसके अतिरिक्त, उप मुख्यमंत्री साव ने नए विधानसभा परिसर का अवलोकन करने के बाद नवा रायपुर स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में पहुँचकर राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया एवं उस अवसर के सफल आयोजन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश देकर अपनी सक्रियता का प्रदर्शन किया।


