रायपुर, 25 अक्टूबर 2025
अमृत टुडे । छत्तीसगढ़ प्रशिक्षित शिक्षक संघ, जो कि एक प्रमुख शैक्षणिक संगठन है, ने राज्य सरकार के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा खोल दिया है। इस संघ के प्रतिनिधियों ने हाल ही में राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा, जो राष्ट्रपति के नाम भेजा गया था, जिसमें उन्होंने विधानसभा को भंग करने और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है। संघ का स्पष्ट आरोप है कि वर्तमान सरकार ने अपने चुनावी वादों को पूरा करने में पूरी तरह से असमर्थता दिखाई है, जिसके कारण सदस्य अत्यंत नाराज़ और निराश हैं।


उनका दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए वादे, जो चुनावी प्रचार के दौरान किए गए थे, केवल जुमले साबित हो रहे हैं। इस स्थिति के कारण, शिक्षक और युवा वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। संघ ने इस बात पर जोर दिया है कि प्रदेश की शासन व्यवस्था पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुकी है, जिससे न केवल शिक्षण क्षेत्र में, बल्कि समग्र समाज में असंतोष और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
इन परिवर्तनों की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए, संघ ने सख्त कदम उठाने का संकल्प लिया है और संबंधित अधिकारियों से ठोस कार्रवाई की अपील की है।




