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रायपुर, 29 अक्टूबर 2025

अमृत टुडे। जैसा कि सर्व-विदित है कि हिन्दू समाज की निजी, सामाजिक एवं सार्वजनिक संपत्तियों को कब्जा करने की नीयत से Waqf Board द्वारा मनमाने ढंग से नोटिस तामील करते हुए, कई वर्षों एवं पीढ़ियों से काबिज हिन्दू परिवारों को संपत्ति से बेदखल किए जाने का दबाव बनाया जा रहा है।

इन परिवारों के पास इस संबंध में निम्नलिखित वैध दस्तावेज मौजूद हैं:

1.बयाना विलेख

2.कर की रसीद

3.पट्टा दस्तावेज

4.विद्युत-मीटर रसीदें

4.अन्य प्रमाणक दस्तावेज़

यह सब दस्तावेज यह स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि उक्त परिवार उक्त संपत्तियों के वैध स्वामी हैं।

जबकि Waqf Board स्वयं कथित रूप से Waqf (Amendment) Act, 2025 के न्यायोचित मापदंडों — जैसे दक्षता, पारदर्शिता, जवाबदेही, वक्फ-पात्रता व मानदंड, तथा विवाद-समाधान प्रक्रियाओं की सुव्यवस्था — पर खरा नहीं उतर रहा है। इस स्थिति में Waqf Board द्वारा हिन्दू परिवारों को संपत्ति से बेदखल करने का प्रयास माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों व विधि-व्यवस्था की अवहेलना माना जाना चाहिए।

हम यह भी चिंतित हैं कि Waqf Board की आड़ में छत्तीसगढ़ जैसे शांत, सरल-प्रदेश में “जमीन जिहाद” जैसी प्रवृत्तियों को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे सामाजिक शांति व संपत्ति-सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो रहा है।
अतः हम अनुरोध करते हैं कि —

रायपुर क्षेत्र (छत्तीसगढ़) में जितने भी मस्जिद, मजार, इबादत-गाह और मदरसा हैं — उनकी वैधता की तत्काल जांच की जाए।

यदि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के मापदंडों के अनुरूप अनियमितता, अवैधता या कमी पाई जाती है, तो लोकहित को ध्यान में रखते हुए त्वरित कार्यवाही हो।

वक्फ सम्पत्तियों व नोटिस-प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा निजी, सामाजिक एवं सार्वजनिक हिन्दू संपत्तियों पर किए गए दावे का निष्पक्ष व स्वतंत्र सत्य-निरीक्षण कराया जाए।

हमें विश्वास है कि न्याय-प्रक्रिया व संपत्ति-सुरक्षा के इस संवेदनशील विषय में उचित कदम उठाए जाएंगे, जिससे सम्प्रदाय-हित व सर्व-हित व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।

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