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*“कांग्रेस‑संगठन‑विस्तार‑टाल‑मटोल”*

*“भारतीय जनता पार्टी पहले ही संगठन विस्तार कर चुकी है, पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में जिलाई अध्यक्षों की नियुक्ति पर अब तक टाल-मटोल जारी”*

Amrit today Raipur Chhattisgarh ::

प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के संगठन विस्तार की प्रक्रिया का अब दो महीने से अधिक समय व्यतीत हो चुका है। इस दौरान, पार्टी ने अपनी संरचना को मजबूती प्रदान करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस पार्टी में संगठन सृजन का कार्य अभी भी जारी है, जो कि सुनिश्चित करने का प्रयास है कि पार्टी की आधारशिला और भी दृढ़ हो सके।

कांग्रेस में नियुक्तियों संबंधी विषय पर लगातार विभिन्न स्तरों पर चर्चा और विचार-विमर्श का एक गहन दौर चल रहा है। पार्टी के नेताओं के बीच संभावित नामों पर मंथन किया जा रहा है, जिससे कि उपयुक्त उम्मीदवारों को चयनित किया जा सके। इस प्रक्रिया के तहत जल्दी ही पर्यवेक्षकों की टीम का आगमन हुआ, जो कि नियुक्तियों की प्रक्रिया की देखरेख करेगी। हालाँकि, अब तक किसी भी नाम पर औपचारिक मुहर नहीं लग पाई है, जिससे इस संगठनात्मक प्रक्रिया में थोड़ी देरी हुई है। इस स्थिति के बावजूद, पार्टी अपने सदस्यता विस्तार और संगठनात्मक क्षमताओं को बढ़ाने के प्रयासों में जुटी हुई है।

Ajay Chandrakar ::

कांग्रेस के संगठन सृजन के संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व बिहार में मछली पकड़ने में व्यस्त है। जब कांग्रेस का उच्च नेतृत्व बिहार में अपने कार्यों से निवृत्त हो जाएगा और इनके पास कुछ समय होगा, तभी वे इस मामले पर चर्चा करने का अवसर पाएंगे। चंद्राकर ने आगे कहा कि यदि कांग्रेस को इस विषय को लेकर इतनी ही जल्दी है, तो बेहतर होगा कि उन्हें छत्तीसगढ़ के गंगरेल बांध में मछली पकड़ने के लिए भेजा जाए। ऐसा करने से संभवतः समय की कमी को देखते हुए मछली पकड़ने का कार्य शीघ्रता से संपन्न हो सकेगा और इस प्रकार, वे अपनी तत्परता दिखा सकेंगे।

Deepak batch ::

अजय चंद्राकर के हालिया बयान पर पलटवार करते हुए, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने स्पष्ट रूप से कहा कि अजय चंद्राकर जी को कांग्रेस पार्टी की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ के दौरे पर थे, तब यह उपयुक्त अवसर था कि चंद्राकर जी उनसे यह प्रश्न पूछें कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन आखिर कब तक किया जाएगा। इस प्रकार, उन्होंने चंद्राकर के बयान को प्रतिक्रिया देने के लिए एक प्रासंगिक संदर्भ प्रस्तुत किया, जो उनकी स्थिति को और अधिक मजबूती प्रदान करता है।

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