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“एक ही ट्रैक पर मालगाड़ी‑यात्री दोनों सुरक्षित; भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें”

बिलासपुर, 07 नवम्बर 2025

अमृत टुडे। “रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह ऑटोमैटिक signalling प्रणाली पूर्ण रूप से सुरक्षित है, जिसमें प्रत्येक सिग्नल के बाद दूसरी ट्रेन चल सकती है। कृपया अफवाहों पर ध्यान न दें और ऐसी भ्रामक खबरें आगे न फैलाएँ।”

यह ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली की सामान्य परिचालन का विवरण है, जो रेलवे सुरक्षा और संचालन की एक महत्वपूर्ण प्रणाली है। इस प्रणाली के तहत, प्रत्येक किलोमीटर की दूरी पर सिग्नल लगाए जाते हैं, और इन सिग्नलों की व्यवस्था इस प्रकार की गई है कि हर सिग्नल के बाद दूसरी ट्रेन आसानी से और सुरक्षित रूप से चल सकती है।

इस परिवहन व्यवस्था में, मालगाड़ी और यात्री गाड़ियों के लिए अलग – अलग ट्रैक नहीं बनाए गए हैं, बल्कि दोनों प्रकार की गाड़ियाँ एक ही ट्रैक पर परिचालन करती हैं और उन्हें एक दूसरे के पीछे निर्धारित अंतराल के साथ चलाया जाता है।

रेलवे की ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली एक अत्यधिक सुरक्षित और विश्वसनीय कार्यप्रणाली है, जो कि इस रेलखंड में 2023 से प्रभावी रूप से लागू की गई है।

इसलिए ऐसे भ्रामक समाचारों पर ध्यान न दें जो इस प्रणाली की कार्य प्रणाली को लेकर गलत फहमियाँ पैदा कर सकते हैं, और अफवाहों से बचें। आपको सलाह दी जाती है कि आप इस प्रकार की भ्रामक खबरों को ना केवल खुद में संज्ञान में लें, बल्कि यह सुनिश्चित करें कि आप इन्हें न फैलाएं और न ही आगे बढ़ाएं, ताकि एक सही और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था बनाए रखने में सभी का योगदान हो सके।

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