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*बिना टोकन किसान 15 नवम्बर को कैसे बचेंगे धान? सोसायटी में हड़ताल, सरकार जानबूझकर किसानों को परेशान कर रही है*

ByAmritToday

Nov 14, 2025 ##*बिना टोकन किसान 15 नवम्बर को कैसे बचेंगे धान? सोसायटी में हड़ताल, ##Chhattisgarh, ##NEWS, ##छत्तीसगढ़, ##सरकार #जानबूझकर #किसानों #परेशान Breaking news, #Amrit, #AMRIT TODAY, #amrittoday, #amrittoday.in छत्तीसगढ़ न्यूज, #BIG NEWSMID, #Breaking, #cg news, #chhattisgarh breaking news, #chhattisgarh hindi news, #chhattisgarh latest news, #Chhattisgarh news, #chhattisgarh news in hindi, #chhattisgarh news live today, #chhattisgarh news today, #chhattisgarhi news, #DAY NEWS, #Exclusive, #Hindi News, #HINDICHHATTISGARH, #KA SILSILATODAY'S, #latest news, #NEWSCHHATTISGARH, #NEWSHINDI, #NEWSINDIA, #NEWSKHABRON, #NEWSTODAY'S, #Today breaking news, #today news, #TODAY'S LATEST, #UPDATE, #अभी-अभी, #अमृत टुडे, #आज की ताजा खबर, #इंडिया न्यूज़, #खबरछत्तीसगढ़, #छत्तीसगढ़ न्यूज़, #न्यूजछत्तीसगढ़, #लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज, #सरकार जानबूझकर किसानों को परेशान कर रही है* #बिना टोकन #किसान #15 नवम्बर # कैसे बचेंगे धान? #सोसायटी#हड़ताल, #हिंदीछत्तीसगढ़
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*कृषि मंत्री बताये धान बेचने वाले किसानों की संख्या 1.29 लाख एवं धान का रकबा 5 लाख हेक्टेयर पिछले साल के मुकाबले कम कैसे हुआ ?*

Amrit today।रायपुर/14 नवंबर 2025। धान बेचने वाले किसानों की संख्या एवं रकबा में हुई कमी पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की सरकार वादानुसार किसानों से धान खरीदना नहीं चाहती है, इसलिए 15 नवंबर की धान खरीदी तारीख देने के बाद भी किसानों को टोकन नहीं मिला, सोसाइटी में हड़ताल चल रही है। यह सब सरकार की किसान विरोधी सोच के चलते हो रहा है। एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के डाटा नहीं होना सरकार की लापरवाही है, जिसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है। एग्रीस्टेक पोर्टल में पूर्व से पंजीकृत 1 लाख 29 हजार किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया। चालू खरीफ सीजन में नये किसान भी पंजीयन नहीं करा पाये। इसी कारण धान बेचने वाले किसानों की संख्या पिछले वर्ष 27 लाख 79,098 थी जो घटकर 26 लाख 49,584 हो गई है, किसानों का धान का रकबा भी षड़यंत्रपूर्वक कम किया गया, पिछले साल 33 लाख 89,983 हेक्टेयर था जो घटकर इस वर्ष 28 लाख 95,154 हेक्टेयर हो गया है, 5 लाख हेक्टेयर रकबा की कटौती की गई है जो धान उत्पादन करने वाले नये 2 लाख किसान, उनका भी पंजीयन नहीं किया गया। उनका रकबा इसके अलावा अलग है। इससे समझ में आता है कि सरकार किसानों को प्रताड़ित कर रही है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 1,29,000 किसान पंजीयन नहीं कर पाए हैं और पूर्व से 5 लाख हेक्टेयर लगभग कम हुआ है, मतलब साफ है, सरकार के षड्यंत्र के चलते पंजीयन से वंचित किसान 30 लाख मीट्रिक टन धान बेच नही पायेंगे। उन्हें अपनी फसल औने-पौने दाम में बेचना पड़ेगा। 3,100 रु. प्रति क्विंटल का दर उन किसानों को नहीं मिलेगा। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होगा। चालू खरीफ सीजन में 2 लाख नया किसानों ने धान उत्पादन किया है, उन्हें भी नुकसान होगा। कांग्रेस मांग करती है पंजीकृत और पंजीयन से वंचित सभी किसानों की धान खरीदी करे।

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