*”संविधान दिवस पर डॉ. अंबेडकर के योगदान को किया गया नमन—संवैधानिक मूल्यों के प्रति संकल्प”*

अमृत टुडे रायपुर छत्तीसगढ़ :: संविधान दिवस के अवसर पर आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर स्थित अंबेडकर चौक पहुंचकर भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल भारतीय संविधान के शिल्पकार ही नहीं, बल्कि समानता, न्याय और सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं, जिनका योगदान राष्ट्र की दिशा और पहचान तय करता है।
कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत, विधायक पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। सभी ने संविधान दिवस के मौके पर डॉ. अंबेडकर के अप्रतिम योगदान को याद करते हुए संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संविधान देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की मूल आत्मा है, जो न केवल अधिकारों की रक्षा करता है बल्कि हमें कर्तव्यों के प्रति जागरूक भी बनाता है। उपस्थित जनसमूह ने भी संवैधानिक मूल्यों को जीवन में उतारने और विविधता में एकता की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

विवरण :: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अंबेडकर चौक में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया। डॉ. अंबेडकर के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे केवल भारतीय संविधान के शिल्पकार ही नहीं, बल्कि समानता, न्याय और सामाजिक समरसता के अटूट स्तंभ भी रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक राजेश मूणत, विधायक पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में उपस्थित आमजन ने संविधान दिवस पर डॉ. अंबेडकर के अप्रतिम योगदान को याद किया तथा संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारा संविधान देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों का मूल आधार है। डॉ. अंबेडकर ने दूरदर्शिता और गहन अध्ययन के साथ संविधान के प्रारूप निर्माण में योगदान दिया है। भारत का संविधान न केवल हमारे अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि नागरिक कर्तव्यों के प्रति हमें जागरूक भी करता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह ने भी विविधता में एकता की भारतीय परंपरा को आगे बढ़ाने तथा संवैधानिक मूल्यों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।



