“भाजपा पर जनता पर बोझ डालने का आरोप, रियल एस्टेट और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर खतरे की चेतावनी”
रायपुर, 29 नवंबर 2025
अमृत टुडे। प्रदेश में भूमि की गाइडलाइन दरों में 10 से 100 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी को लेकर आज कांग्रेस ने गंभीर चिंता जताई और इसे जनविरोधी व अव्यवहारिक बताया। गांधी मैदान स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने कहा कि इस फैसले से रियल एस्टेट सेक्टर ध्वस्त होगा, बेरोज़गारी बढ़ेगी और आम आदमी पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए जनता पर लगातार अतिरिक्त भार डाल रही है। पार्टी ने मांग की है कि सरकार तुरंत इस निर्णय को वापस ले और पूर्व कांग्रेस सरकार की तरह राहत देने वाली गाइडलाइन नीति लागू करे।

भूमि की गाईडलाइन दरों में होने वाली वृद्धि के विरोध में आज एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता का आयोजन कांग्रेस भवन गांधी मैदान में किया गया। इस पत्रकार वार्ता में प्रमुख राजनीतिक हस्तियों में शामिल थे, जैसे कि पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, पंकज शर्मा, नवनियुक्त शहर अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन, और ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे। कांग्रेस नेताओं ने एक आवाज में इस वृद्धि, जो कि 10 से 100 प्रतिशत के बीच की है, को जनविरोधी, अव्यवहारिक और आर्थिक दृष्टि से विनाशकारी करार दिया।
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने इस विषय पर अपनी चिंताओं को व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय प्रदेश के विकास को ठप कर देने वाला साबित होगा। उन्होंने यह भी बताया कि गाइडलाइन के रेट बढ़ने से आम जनता, जो मकान बनाने का प्रयास कर रही है, दुकानों और फैक्ट्रियों के मालिकों को बुरी तरह आर्थिक मार झेलनी पड़ेगी। उनका मानना है कि वर्तमान भाजपा सरकार अपनी नाकामी को छुपाने के लिए जनता पर नए-नए बोझ डाल रही है। इसके परिणामस्वरूप, बेरोजगारी में वृद्धि होगी और रियल एस्टेट सेक्टर पूरी तरह गिरावट में चला जाएगा।

पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने इस मुद्दे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने हमेशा गरीबों और मध्यम वर्ग को राहत देने के उद्देश्य से गाइडलाइन दरों में छूट देने के अनेक प्रयास किए हैं। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण प्रावधानों को समाप्त कर दिया है। विशेष रूप से, उन्होंने 5 डिसमिल से कम भूमि पर रजिस्ट्री की छूट को खत्म करने को गरीबी पर सीधा प्रहार बताया। उनका कहना है कि रियल एस्टेट में मंदी आने से हजारों लोगों की रोज़ी-रोटी छीनी जाएगी, जिससे सामाजिक और आर्थिक संकट उत्पन्न होगा।
पंकज शर्मा ने भी इस दिशा में अपनी बात रखते हुए कहा कि भाजपा सरकार का यह अभिलाषित निर्णय रियल एस्टेट सेक्टर की कमर को तोड़ देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जमीन की खरीद-फरोख्त थम जाएगी, निवेश की गति रुक जाएगी, और इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान होगा। उन्होंने यह भी कहा कि महंगाई से त्रस्त आम जनता पर और अधिक भार डालना सरकार की अदूरदर्शिता को दर्शाता है।

नवनियुक्त शहर अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने स्पष्ट रूप से कहा कि भाजपा सरकार ऐसे निर्णयों की अनवरत श्रृंखला में संलग्न है, जो मुख्य रूप से केवल पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लिए जा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि 30 लाख रुपये की मूल्य वाली जमीन पर 22 लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी का भार एक सामान्य नागरिक किस प्रकार वहन कर सकेगा? यह निर्णय साफ-सुथरे तरीके से दर्शाता है कि सरकार अपने कार्यों के माध्यम से गरीबों और मध्यम वर्ग के हितों के विरुद्ध जा रही है।
ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही किसान अनेक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। अब कृषि भूमि की गाइडलाइन में किए गए बदलावों के कारण किसानों की जमीन का व्यापार करना लगभग असंभव हो चुका है। यह स्थिति निश्चित रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाएगी, जिसके परिणामस्वरूप किसानों को कर्ज़ का बोझ और भी बढ़ता जाएगा।

शहर प्रवक्ता बंशी कन्नौजे ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार के इस फैसले का नकारात्मक प्रभाव रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ेगा, जिससे बेरोज़गारी में वृद्धि होगी। इसके अलावा, आम जनता पर आर्थिक बोझ और बढ़ जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश की विकास दर में गिरावट आएगी।
कांग्रेस ने इस गंभीर मुद्दे पर सरकार से मांग की है कि वह तत्काल इस जनविरोधी निर्णय को वापस ले और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की तरह जनता को राहत प्रदान करने वाली गाइडलाइन नीति को पुनः लागू करे, ताकि नागरिकों को थोड़ी बहुत राहत मिल सके।


