*धान खरीदी व्यवस्था पर उठे सवाल • बीजेपी शासन में चेकपोस्ट फेल • किसानों में बढ़ी नाराज़गी*
अमृत टुडे रायपुर छत्तीसगढ़:: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अवैध धान परिवहन सरकार के संरक्षण में हो रहा है और चेकपोस्ट पूरी तरह फेल साबित हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राइस मिलरों को फायदा पहुंचाने के लिए बाहर राज्यों का धान लाया जा रहा है, जबकि स्थानीय किसानों को उनकी उपज का उचित लाभ नहीं मिल रहा। उपाध्याय ने कहा कि चुनाव से पहले किए गए बड़े वादे आज हवा हो गए हैं, किसानों के टोकन नहीं कट रहे और किसान मजबूर होकर आत्महत्या तक करने को विवश हो रहे हैं।

विवरण :: पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने इस विषय पर गंभीर चिंता व्यक्त की कि अवैध धान परिवहन और ट्रांसपोर्टिंग का कार्य वर्तमान में सरकार के संरक्षण में संचालित हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी महत्वपूर्ण बोर्ड चेक पोस्टों पर भारतीय जनता पार्टी का शासन आवश्यक रूप से उपस्थित है, और यह चिंता का विषय है कि सरकार किस प्रकार से शासन स्थापित कर रही है। चेक पोस्टों पर चेकिंग की प्रक्रिया में जिस गंभीरता और सख्ती की आवश्यकता है, उसकी स्पष्ट कमी दिखाई दे रही है। धान की खरीदारी के मुद्दे पर सरकार पूरी तरह से असफल साबित हो रही है, जिस कारण प्रदेश के राइस मिलरों को विभिन्न तरीकों से लाभ पहुंचाया जा रहा है। इस स्थिति के कारण, बाहर के प्रदेशों से धान की अवैध ढुलाई की जा रही है, जिसका सीधा प्रभाव स्थानीय किसानों पर पड़ रहा है, जो अपने उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त करने में असफल हो रहे हैं।

उन्होंने याद दिलाया कि भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव से पूर्व यह बड़ा वादा किया था कि उनकी सरकार पूरी उपज खरीदने का कार्य करेगी और उचित समर्थन मूल्य प्रदान करने की बात कही थी। हालांकि, वर्तमान में देखा जा रहा है कि किसानों को उनके उत्पाद के लिए टोकन तक नहीं मिल पा रहे हैं। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में किसान आत्महत्या जैसी चरम स्थितियों का सामना कर रहे हैं। विकास उपाध्याय ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी सिर्फ जनता को गुमराह करने के प्रयास में लगी हुई है, और इस संदर्भ में पार्टी के अधिकारियों तथा नेताओं की आपसी साठ-गांठ को भी उजागर किया। इस प्रकार की गतिविधियों के चलते किसानों को अपने हकों से वंचित रखा जा रहा है, और यह स्थिति बहुत चिंताजनक है।



