अमृत टुडे,रायपुर
13 मार्च 2026। आत्मनिर्भरता और कौशल विकास के उद्देश्य से रोटरी क्लब ऑफ रायपुर एलिगेंस ने “मेहंदी कला – हुनर और उम्मीद” कार्यशाला का आयोजन किया। 15-22 वर्ष की जरूरतमंद लड़कियों को मेहंदी कला सिखाई गई।
कार्यशाला 12 से 16 मार्च तक दोपहर 3 से 5 बजे चली। अध्यक्ष नीरू अग्रवाल और सचिव तनुश्री अग्रवाल ने सराहना की। पंजीकरण रोटेरियन निशा नवीन अग्रवाल व बबीता अग्रवाल ने संभाला।

रोटरी क्लब रायपुर एलिगेंस की यह पहल जरूरतमंद युवतियों को मेहंदी कला का प्रशिक्षण देकर आत्मविश्वास और आय के नए अवसर प्रदान करने वाली है, जो उन्हें उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाएगी।
विवरण: युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें एक नया कौशल सिखाने के उद्देश्य से रोटरी क्लब ऑफ रायपुर एलिगेंस द्वारा “मेहंदी कला – हुनर और उम्मीद” एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 15 से 22 वर्ष आयु वर्ग की जरूरतमंद लड़कियों और युवतियों के लिए आयोजित की गई।
विवरण: युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें एक नया कौशल सिखाने के उद्देश्य से रोटरी क्लब ऑफ रायपुर एलिगेंस द्वारा “मेहंदी कला – हुनर और उम्मीद” एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 15 से 22 वर्ष आयु वर्ग की जरूरतमंद लड़कियों और युवतियों के लिए आयोजित की गई।

यह कार्यशाला 12 मार्च से 16 मार्च तक प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से 5:00 बजे तक आयोजित की गई। इस पहल का उद्देश्य युवतियों को मेहंदी कला का प्रशिक्षण देकर उन्हें एक रचनात्मक कौशल प्रदान करना था, ताकि वे भविष्य में इसे अपने करियर या आय के साधन के रूप में भी विकसित कर सकें। साथ ही इस कार्यशाला ने उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।क्लब की अध्यक्ष रोटेरियन नीरू अग्रवाल एवं सचिव रोटेरियन तनुश्री अग्रवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवतियों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं। कार्यशाला के संबंध में पंजीकरण और समन्वय की जिम्मेदारी रोटेरियन निशा नवीन अग्रवाल तथा रोटेरियन बबीता अग्रवाल ने संभाली।रोटरी क्लब के सदस्यों ने बताया कि इस तरह की पहल से युवतियों को नए अवसर मिलते हैं और वे अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकती हैं।



