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“कांग्रेस संचार प्रमुख शुक्ला: लैलूंगा में अवैध अफीम की खेती सरकार‑संरक्षित नशे के कारोबार का सबूत”…..

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दुर्ग, बलरामपुर, तमनार और अब लैलूंगा—अफीम की खेती के लगातार मामलों पर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप

शुक्ला ने कहा—छत्तीसगढ़ को भाजपा ने “धान का कटोरा” से “नशे का गढ़” बना दिया है।

अमृत टुडे/रायपुर छत्तीसगढ़
। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि लैलूंगा थाना क्षेत्र में एक बार फिर अवैध अफीम की खेती पकड़ी जाने का यह नया मामला यह साबित करता है कि इस तरह का नशे का कारोबार सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और उसके संरक्षण में ही चल रहा है।amrittoday.in

विवरण: शुक्ला ने बताया कि पहले दुर्ग, फिर बलरामपुर के दो स्थानों, उसके बाद रायगढ़ के तमनार और अब लैलूंगा में अफीम की खेती का खुलासा हुआ है, जिससे साफ है कि इस स्तर पर अफीम बिना सरकारी संरक्षण के खुलेआम नहीं उगाई जा सकती। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का व्यापक कारोबार और अफीम की खेती बिना सत्ता के आशीर्वाद के इतने बड़े पैमाने पर संभव ही नहीं है।amrittoday.in

उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़, जो एक समय “धान का कटोरा” कहलाता था, भाजपा के शासन के दौरान नशे का गढ़ बन चुका है। शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता सत्ता में आने के बाद काली कमाई के लालच में इतने अंधे हो गए हैं कि अब अफीम की खेती करवाई जा रही है।

उन्होंने रेफरेन्स देते हुए कहा कि दुर्ग में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार से जुड़े अफीम‑खेती मामले में बड़े‑बड़े नेताओं का संरक्षण मिला, जबकि बलरामपुर में भी भाजपा‑संबद्ध सरपंच शामिल था। लैलूंगा और अन्य जगहों पर भी जांच आगे जाने पर अमूमन भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आएंगे, जो इस नशे‑कारोबार में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं।amrittoday.in

शुक्ला ने नगरी मामले का भी उल्लेख किया, जहां सवा एकड़ में अफीम की खेती हो रही थी, लेकिन जैसे ही इसके संकेत उपर आए, उसे जल्दी से नष्ट‑छिपा दिया गया। उन्होंने कहा कि नशे का व्यापार बिना सत्ता के संरक्षण के संभव नहीं है और यह दुर्भाग्यजनक है कि भाजपा सरकार के समय सत्ता में बैठे लोग अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़कर मादक द्रव्यों की तस्करी और अवैध खेती में संलग्न हो चुके हैं।

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