• Sun. Mar 29th, 2026

रायपुर पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी चलाने वाले तीन अवैध कॉल सेंटर गिरफ्तार”……

Spread the love

अमृत टुडे/रायपुर छत्तीसगढ़। 26 मार्च 2026 ।

अमेरिकी नागरिकों से लोन और सिबील सुधार के नाम पर हो रही थी ठगी*

42 आरोपी गिरफ्तार, 16 लाख से अधिक का इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त

रायपुर कमिश्नरेट की क्राइम एवं साइबर टीम ने बीती रात इंटेलिजेंस‑बेस्ड अभियान में शहर के तीन अवैध कॉल सेंटर गाड़कर एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में थाना गंज और न्यू राजेन्द्र नगर क्षेत्रों में संचालित तीन ऑफिसों पर एक साथ दबिश दी गयी, जहाँ से अमेरिका जैसे देशों के नागरिकों को लोन, सिबील सुधार और फ्रॉड ट्रांजैक्शन के नाम पर ठगी की जा रही थी।

विवरण: पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला, उपायुक्त (मध्य जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता और उपायुक्त (पश्चिम जोन) संदीप पटेल के निर्देशन में एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट, थाना गंज और थाना न्यू राजेन्द्र नगर की संयुक्त टीम ने रायपुर के सुभाष नगर स्थित पिथालिया कॉम्प्लेक्स के द्वितीय व तृतीय तल और न्यू राजेन्द्र नगर के अंजनी टॉवर में अवैध कॉल सेंटर संचालित करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। यहाँ से कुल 42 आरोपी—जिनमें 03 सुपरवाइजर और देश के गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मेघालय, हरियाणा व पंजाब से आये कर्मचारी शामिल हैं—को गिरफ्तार किया गया।

जांच में पता चला कि इन कॉल सेंटरों पर कर्मचारियों को 15,000 रुपये मासिक वेतन के साथ कमीशन देकर आयोजित किया गया था, जबकि सुपरवाइजरों को 30,000 रुपये वेतन और ठगी गई राशि का 2 प्रतिशत कमीशन मिलता था। इन गिरोहों द्वारा अमेरिकी बैंक लोन आवेदकों के डेटा को व्हाट्सएप/टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से लेकर फर्जी “सिबील सुधार” और “बैंक फ्रॉड ट्रांजैक्शन” का झूठा प्रलोभन देकर उनके खातों में क्लोन्ड चेक जमा कराया जाता था, जिसके बाद छोटी रकम तुरंत खाते में आने पर ठगी गई राशि को गिफ्ट कार्ड और इंटरनेट‑वेबसाइट के ज़रिए नगद में बदलकर हवाला के माध्यम से भारत के अहमदाबाद स्थित मास्टरमाइंड तक पहुँचाया जाता था।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 67 मोबाइल फोन, 18 लैपटॉप, 28 कंप्यूटर सेट और 03 वाईफाई राउटर जब्त किये, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 16,53,000 रुपये आँकी गयी है। थाना गंज में अपराध क्रमांक 83/26 और थाना न्यू राजेन्द्र नगर में अपराध क्रमांक 131/26 के तहत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं (सहयोग, धोखाधड़ी, अपराधी षड्यंत्र आदि) के साथ‑साथ आईटी अधिनियम की धारा 66(c) व 66(d) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गयी है।

www.amrittoday.in

Leave a Reply