अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़ 16 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि जनता के प्रति सरकार के सरोकार का इससे बड़ा उदाहरण और कुछ नहीं हो सकता कि सरकार जनता के बीच जाए, उनकी समस्याएं सुने और जन समस्या निवारण शिविर के माध्यम से मौके पर ही उनका निराकरण करे। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा काम है और इसे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार एक बड़े “जन सरोकार अभियान” के रूप में आगे बढ़ा रही है, जिसका पिछला अनुभव भी बहुत उत्साहजनक रहा है।
विवरण : अरुण साव ने स्पष्ट किया कि जन समस्या निवारण शिविरों का मकसद यह है कि आम नागरिकों को दूर‑दूर तक भटकने की जरूरत न पड़े, बल्कि गांव‑नगर में आयोजित शिविरों में वे अपनी समस्याएं सीधे सरकारी अधिकारियों के सामने रख सकें और जहां तक हो सके, वहीं पर तत्काल निराकरण हो। उन्होंने बताया कि इन शिविरों के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, योजना लाभ, सड़क‑बिजली‑पेयजल और अन्य विकास कार्यों से जुड़ी समस्याएं एक‑ही‑छत के तहत चिह्नित और प्राथमिकता के आधार पर सुलझाई जाती हैं।
उपमुख्यमंत्री ने जोर देकर बताया कि पिछली बार जन समस्या निवारण शिविरों और “समाधान शिविर”/“लोक सुराज” अभियान के तहत लाखों आवेदनों का निराकरण हुआ, जिससे जनता में सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा और जमीनी स्तर पर प्रशासन की जवाबदेही स्पष्ट दिखी। उन्होंने कहा कि अब यह प्रयोग एक नियमित अभियान बन चुका है, जो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की “जन‑केंद्रित नीति” की धारा को और मजबूत कर रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि आगामी अभियानों में 1 मई से लेकर 10 जून तक राज्यव्यापी “सुशासन तिहार” और जन समस्या निवारण शिविर की श्रृंखला चलाई जाएगी, जिसमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लाखों मरकज स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। इनमें कलेक्टर, जनपद सीईओ, नगरीय निकाय अधिकारी, स्वास्थ्य‑शिक्षा‑महिला व बाल विकास जैसे विभाग मौके पर उपस्थित रहेंगे, ताकि जनता की बात बिना टाल‑मटोल के सीधे काम में बदले और “जन सरोकार” की इस बड़ी राजनीतिक‑प्रशासनिक पहल का असर जमीन पर दिखे।




