अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़ 16 अप्रैल 2026 । छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने समान नागरिक संहिता और समान अधिकार के मुद्दे पर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि अलग‑अलग प्रावधान की वजह केवल तुष्टीकरण नीति रही है, जो कांग्रेस सरकारों और पार्टी ने अपनाई। उन्होंने कहा कि अब बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा संविधान के अंतर्गत शामिल अनुच्छेद 14 और 16 के तहत “समानता, भेदभाव न करने और सबको समान अधिकार” के सिद्धांत को आगे बढ़ाना छत्तीसगढ़ सरकार का ऐतिहासिक और बड़ा निर्णय है।amrittoday.in
विवरण : उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि “धर्म, जाति, लिंग या रंग के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए” यह वही सिद्धांत है जो अनुच्छेद 14 (समान संरक्षण का अधिकार) और अनुच्छेद 16 (सरकारी नौकरी में समान अवसर) में बाबा साहेब अंबेडकर ने स्थापित किए थे।
उन्होंने इन प्रावधानों को आगे बढ़ाने वाले निर्णय को छत्तीसगढ़ सरकार का “ऐतिहासिक कदम” बताया और इसे किसी भेदभाव या विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकरूपता और समान अधिकार की दिशा में जाने का प्रयास बताया।
इस बयान के जरिए अरुण साव ने यह संकेत दिया कि कांग्रेस की ओर से पहले विभिन्न समुदायों के लिए अलग‑अलग कानून/व्यवस्था बनाई गई, जिसे तुष्टीकरण की नीति का हिस्सा माना जाता रहा है, जबकि वर्तमान राज्य सरकार “समान नागरिक संहिता और समान अधिकार” के ढांचे में बाबा साहेब के समानता‑केंद्रित दृष्टिकोण को लागू करने की दिशा में चल रही है।




