• Mon. May 25th, 2026

कांग्रेस का दावा: “स्मार्ट मीटर आम आदमी के गले का फाँस बन गया” — वापसी की मांग

Spread the love

अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़

25 मई 2026 । प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने रायपुर में कहा कि स्मार्ट मीटर ने उपभोक्ताओं की बिजली खपत बढा-चढ़ाकर दिखाई जा रही है; मीटर जांच के नाम पर उपभोक्ताओं से वसूला जा रहा शुल्क अनुचित है, इसलिए स्मार्ट मीटर तुरंत वापस लिये जाएं — कांग्रेस पूरे प्रदेश में जन आंदोलन करेगी।

विवरण :: प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आज कहा कि स्मार्ट मीटर आम आदमी के गले का फाँस बन गया है। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई स्थानों पर बिजली उपभोक्ताओं की खपत वास्तविक से अधिक दिखाई जा रही है और मीटर सामान्य मीटर की तुलना में बहुत तेजी से रीडिंग दे रहा है। उपभोक्ताओं का अधिकार है कि उनकी वास्तविक खपत ज्ञात हो; परंतु सरकार ने पहले से मौजूद ‘चेक मीटर’ प्रावधान के बावजूद अब मीटर जांच कराने पर 1,000 से 1,500 रुपए तक शुल्क लगाने का प्रावधान कर दिया है। शुक्ला ने कहा कि यदि उपभोक्ता मीटर में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं तो जांच मुफ्त होनी चाहिए; किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क अनुचित एवं गड़बड़ी छिपाने की नीयत का संकेत देता है।

शुक्ला ने यह भी कहा कि स्मार्ट मीटर के कारण इस माह कई स्थानों पर बिजली बिल तीन गुना तक बढ़कर आए हैं और जनता में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश से स्मार्ट मीटर वापस लेने का निर्णय लिया है, तथा छत्तीसगढ़ में भी ऐसा ही किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि योगी मंत्रिमंडल ने मान लिया है कि स्मार्ट मीटर से खपत बढ़कर आ रही है, इसलिए उन्हें बदला जा रहा है; छत्तीसगढ़ सरकार को भी यह कदम उठाना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने बिजली के दाम चार बार बढ़ाए हैं, 400 यूनिट तक की छूट को आधा कर 200 यूनिट कर दिया गया और अब स्मार्ट मीटर लगाकर अधिक वसूली की जा रही है। ऊपर से इस माह से 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एफपीपीएस) के रूप में अतिरिक्त चार्ज लगाया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं पर भार और बढ़ेगा। शुक्ला ने कहा कि कोयला से मिलने वाले लाभ के बावजूद सरकार बिजली दरें कम नहीं कर रही बल्कि नए चार्ज लगा रही है।

शुक्ला ने चेतावनी दी कि अधिक मुनाफाखोरी के लालच में सरकार नए-नए तरीके अपना रही है जिससे उपभोक्ताओं से अनुचित रूप से धन वसूला जा रहा है। कांग्रेस की मांग है कि स्मार्ट मीटर को वापस लिया जाए और मीटर की स्वतंत्र, मुफ्त जांच सुनिश्चित की जाए। इसी मांग को लेकर कांग्रेस पूरे प्रदेश में जन आंदोलन चलाएगी और सरकार के फैसलों का जोरदार विरोध करेगी।

Leave a Reply

You Missed