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मदरसों-यतीमखानों के आकस्मिक निरीक्षण में बाल संरक्षण मानकों में खामियां; आयोग ने सुधार के सख्त निर्देश दिए…..

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अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़

25 मई 2026 । रायपुर में मदरसों व यतीमखानों के आकस्मिक निरीक्षण में गंभीर व्यवस्थागत कमियां; आयोग ने तत्काल सुधार न किए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी

विवरण :: छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के नेतृत्‍व में रायपुर स्थित दो मदरसों और दारुल यतामा का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बैजनाथ पारा स्थित मदरसा इस्लाहुल मुस्लिमीन और दारुल यतामा में बच्चों की दिनचर्या अत्यधिक लंबी और असंतुलित पाई गई। परिसर व रसोई में गंदगी, स्वच्छ पेयजल की कमी और अस्वच्छ भोजन व्यवस्था जैसी गंभीर कमियां सामने आईं।

आयोग अध्यक्ष ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और मानसिक विकास से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण में यह भी देखने को मिला कि बच्चों से सफाई और अन्य दैनिक कार्य कराए जा रहे हैं, जिसे आयोग ने बाल अधिकारों के विरुद्ध बताया। खेलकूद और मनोरंजन के समुचित इंतजाम न होने पर भी चिंता व्यक्त की गई।

डॉ. वर्णिका शर्मा ने संबंधित संस्था प्रबंध को निर्देश दिया है कि बच्चों से कोई श्रम कार्य न कराया जाए और बाल संरक्षण संबंधित सभी मानक तथा वैधानिक प्रावधान तत्काल लागू किए जाएं। आयोग ने पाई गई कमियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के आदेश दिए और निर्धारित अवधि में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा है। साथ ही आयोग ने नियमित निगरानी जारी रखने और आवश्यकता पड़ने पर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

आयोग ने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे सुधार का पालन सुनिश्चित करें और रिपोर्ट का सत्यापन कर आयोग को सूचित करें। डॉ. वर्णिका ने स्पष्ट कहा कि बच्चों के अधिकारों से समझौता किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं होगा और उनकी सुरक्षा सर्वोपरि रहेगी।

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