अमृत टुडे, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, छत्तीसगढ़
27 मई 2026 । झुग्गी-झोपड़ी की कठिनाइयों के बावजूद पढ़ाई नहीं छोड़ी, अब डिजिटल श्रवण यंत्र और रोजगार मिलने से गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही की पूजा साहू ने अपने पीएचडी व समाज सेवा के सपनों को नई उड़ान दी है।
विवरण:: सपनों की आवाज भले धीमी हो, पर इरादे बुलंद हों तो मंजिल पास आ जाती है। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के वार्ड नं.1 सिंचाई कॉलोनी, सारबहरा स्मृति वाटिका की झुग्गी में रहने वाली 75% श्रवण बाधित पूजा साहू ने आर्थिक कठिनाइयों और सुनने की समस्या के बावजूद पढ़ाई जारी रखी और नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर उच्च शिक्षा का लक्ष्य रखा। उनका उद्देश्य पीएचडी कर शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में अपना योगदान देना है।

उनकी स्थिति और संघर्ष को देखते हुए जिला समाज कल्याण विभाग ने 26 मई 2026 को उन्हें दो डिजिटल श्रवण यंत्र प्रदान किए। उपकरण मिलने के साथ ही पूजा साहू के आत्मविश्वास में… वृद्धि हुई है और अब वे अध्ययन, संवाद व शोध कार्य को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा पाएंगी।
समाज कल्याण विभाग ने केवल तकनीकी सहारा ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिये गैर-सरकारी संस्था “प्रगति सेवा संस्था” में सामाजिक कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति भी कराई, जिसमें उन्हें प्रतिमाह ₹10,000 मानदेय मिलेगा। यह रोजगार न केवल आर्थिक समर्थन है बल्कि सम्मान और सामाजिक आत्मनिर्भरता का मार्ग भी है।
भावुक होते हुए पूजा साहू ने जिला प्रशासन व समाज कल्याण विभाग का आभार व्यक्त किया और कहा कि अब वे न केवल अपने शैक्षिक लक्ष्यों को पूरा करेंगी, बल्कि अन्य दिव्यांगजनो के लिए भी प्रेरणा बनना चाहती हैं। उनकी यह सफलता शासन की संवेदनशील नीतियों और स्थानीय मानवीय पहल का सशक्त उदाहरण है, जो जरूरतमंदों के जीवन में नई उम्मीदें जगा रही हैं।




