अमृत टुडे, रायपुर, छत्तीसगढ़
06 जून 2026 । पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा, केंद्र सरकार, नीट परीक्षा और महंगाई को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जनता को प्रभावित करने के लिए धमकाने-गाली देने की राजनीति उचित नहीं है। साथ ही उन्होंने युवाओं के आक्रोश, खाद-बीज संकट और विदेश नीति पर भी सवाल उठाए।
विवरण: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने बयान में कहा कि सभी का आत्मसम्मान होता है और गलत करने वालों पर शासन-प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन केवल रीलबाजी, धमकाने, चमकाने, मारपीट और गाली-गलौज की राजनीति उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जनता को प्रभावित करने के लिए इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं, जो सही नहीं है।

नीट और युवाओं के आक्रोश पर बोलते हुए बघेल ने कहा कि यह मुद्दा किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश के युवाओं में व्यवस्था को लेकर गहरे असंतोष का प्रतीक है। उन्होंने दावा किया कि युवाओं का आक्रोश परीक्षा और व्यवस्था की खामियों के खिलाफ है।
भाजपा और आरएसएस को लेकर उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे लोगों का भ्रम टूटेगा। वहीं अमेरिका, रूस और कच्चे तेल की नीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार पर अमेरिका के दबाव में काम करने का आरोप लगाया।

महंगाई, पेट्रोल-डीजल, खाद-बीज और किसान संकट को लेकर भी उन्होंने केंद्र को घेरा। उन्होंने कहा कि देश महंगाई की मार से त्रस्त है और खेती-किसानी के मौसम में भी किसानों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने नीट और सीबीएसई में कथित गड़बड़ियों पर भी सवाल उठाए।
भाजपा द्वारा उन्हें लगातार निशाना बनाए जाने पर बघेल ने कहा कि यदि उनके सपनों में भी वे आ रहे हैं तो यह उनके लिए राजनीतिक रूप से अच्छी बात है। उन्होंने भाजपा के मुख्यमंत्रियों के बदलाव पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें ताश के पत्तों की तरह फेंटकर मुख्यमंत्री बनाया जाता है।


