अमृत टुडे,धमतरी, छत्तीसगढ़
10 जून 2026 । धमतरी के सियादेही में विकसित ‘लइका घर’ ने ग्रामीण प्राथमिक शिक्षा का मानक बदलने का प्रयास किया है; एक ही परिसर में लइका घर, आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालय से बच्चों को दी जाएगी निरंतर, सुरक्षित और प्रेरणादायक प्रारंभिक शिक्षा तथा पोषण सेवाएँ, जिससे नामांकन बढ़ने और स्कूल ड्रॉपआउट घटने की उम्मीद बढ़ेगी।

विवरण :: बच्चों के सर्वांगीण विकास और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को लक्ष्य बनाकर सियादेही में एक अभिनव लइका घर तैयार किया गया है। रंगीन, बाल‑अनुकूल वातावरण में ज्ञानवर्धक खेल‑खिलौने, हिन्दी वर्णमाला व चित्रात्मक दीवारशोभा से बच्चों की जिज्ञासा जगाने का प्रबंध किया गया है। यह एकीकृत मॉडल 7 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों के लिए लइका घर, 3–6 वर्ष के लिए आंगनबाड़ी और उसी परिसर में प्राथमिक विद्यालय की सुविधा देता है, जिससे शिक्षा‑यात्रा में निरंतरता बनी रहेगी।

इस व्यवस्था से अभिभावकों को बार‑बार संस्थान न बदलने की राह मिलती है, नामांकन व उपस्थिति बढ़ने तथा शाला त्याग में कमी आने की संभावनाएँ प्रबल होती हैं। कलेक्टर ने कहा कि प्रारंभिक अनुभव जीवनपर्यंत प्रभाव डालते हैं और बालहितैषी अधोसंरचना विकसित करने के प्रयास जारी रहेंगे। सियादेही का मॉडल जिले व प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है।





