अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़
08 जुलाई 2026। सुशील आनंद शुक्ला ने तीजन बाई के प्रति सरकार के रवैये को दुखद और आहत करने वाला कहा। वे बताने लगे कि तीजन बाई ने पंडवानी को विश्वभर में पहुंचाया और उनकी असामयिक विदाई पर राजकीय शोक आवश्यक था; इस निर्णय पर जनता में नाराजगी व कड़े प्रश्न उठ रहे हैं।
विवरण : रायपुर में राजनीतिक प्रतिक्रिया देते हुए सुशील आनंद शुक्ला ने तीजन बाई के प्रति सरकार के निर्णय को कड़ी निंदा के साथ अस्वीकार किया। उनके अनुसार तीजन बाई न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान थीं बल्कि पंडवानी को लोकभाषा में प्रस्तुत कर महाभारत जैसे महाकाव्य को जन-जन तक पहुँचाने वाली सांस्कृतिक राजदूत थीं।
उनकी लोकप्रियता और योगदान को देखते हुए उनके निधन पर राजकीय शोक घोषित होना चाहिए था; ऐसा न होना जनता के मन में अपमान और आहत भावना उत्पन्न कर रहा है। शुक्ला ने कहा कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक संवेदनशीलता के विपरीत है और इससे सरकार पर सवाल उठते हैं। उन्होंने लोगों से एकजुटता दिखाकर सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और सम्मान की मांग करने का आह्वान किया।




