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रायपुर, 3 अप्रैल 2024 | भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा निर्वाचन-2024 में इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के साथ ही प्रिंट मीडिया में भ्रामक प्रकृति के विज्ञापनों के प्रकाशन को रोकने के संबंध में व्यापक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत देश में हो रहे सातों चरणों के मतदान दिवस और उसके एक दिन पूर्व प्रिंट मीडिया में प्रकाशित होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों का पूर्वप्रमाणीकरण आवश्यक है।
 
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इस संबंध में जारी परिपत्र की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में लोकसभा निर्वाचन-2024 अंतर्गत तीनों चरणों के मतदान दिवस और उसके एक दिन पूर्व प्रकाशित होने वाले विज्ञापनों के लिए यह अनिवार्य होगा।

आयोग के निर्देशानुसार प्रथम चरण में 18 और 19 अप्रैल, दूसरे चरण में 25 और 26 अप्रैल तथा तीसरे चरण में 6 और 7 मई को प्रिंट मीडिया में राजनीतिक विज्ञापनों के प्रकाशन के पूर्व जिला अथवा राज्यस्तरीय मीडिया प्रमाणन समिति से विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन अनिवार्य किया गया है। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य स्तरीय तथा जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन समिति को प्रमाणन हेतु प्राप्त आवेदन पर त्वरित निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि आवेदनकर्ताओं द्वारा ऐसे विज्ञापन के प्रस्तावित प्रकाशन दिनांक से कम से कम दो दिवस पूर्व मीडिया प्रमाणन समिति को आवेदन प्रस्तुत किए जाने चाहिए।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कंगाले ने बताया कि मतदान दिवस के पूर्व एवं मतदान तिथि को प्रिंट मीडिया में भ्रामक प्रकृति के विज्ञापनों के प्रकाशन के बाद वे दल अथवा प्रत्याशी जो इससे प्रभावित होते हैं, उनके पास किसी भी प्रकार की सफाई अथवा खंडन का अवसर नहीं होता। ऐसे में स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष निर्वाचन के लिए मतदान दिवस के एक दिन पहले और मतदान तिथि को राजनीतिक विज्ञापनों के प्रकाशन के पूर्व विज्ञापनों का पूर्वप्रमाणन आवश्यक है।

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