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धमतरी 17 मई 2024/ वर्तमान लू की स्थिति को ध्यान में रख उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ.एम.एस.बघेल ने पशु-पक्षियों को लू से बचाने पशुपालकों से अपील की है। उन्होंने बताया कि गर्मियों में मौसम बदलने से पशुओं के खान-पान पर बहुत ज्यादा असर पड़ता है। इसलिए गर्मियों में पशु-पक्षियों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, ताकि उन्हें लू से बचाया जा सके। बाहरी तापमान बढ़ने से पशुओं के शारीरिक तापमान भी बढ़ने लगता है, जिससे हीटस्ट्रोक एवं डीहाईड्रेशन जैसे समस्या होने लगती है।

उन्होंने यह भी बताया कि पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी तथा पौष्टिक आहार दें। सुबह एवं शाम को खाना खिलाएं तथा पानी पूरे दिन उपलब्ध रखें। खाना-दाना का चुनाव करते समय पशु-पक्षी के प्रकार, नस्ल, उम्र, वजन आदि का ख्याल रखें। दोपहर 12 बजे से शाम 3 बजे तक पशुओं से कोई भी कार्य नहीं लें तथा आराम दें। पशुओं को शेड या छायादार जगह में रखे तथा खुला ना छोड़ें।
डॉ.बघेल ने बताया कि नवजात, बीमार, अधिक वजनी तथा गहरे रंग के पशु-पक्षी में लू लगने की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए इन पशुओं का विशेष ध्यान रखा जए। अपने पालतू कुत्ते को सुबह जल्दी तथा शाम को थोडी देरी से घुमाने ले जायें। लू के लक्षण जैसे बुखार आना, मुंह से लार टपकना, तेज सांस चलना, खाना बंद कर देना आदि दिखने पर तत्काल अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय/ औषधालय से सम्पर्क किया जाये। साथ ही लावारिस पशुओं और पक्षियों के लिए जहां तक हो सके घर के बाहर या छत पर पानी/खाने की व्यवस्था की जाये।

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