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छठ महापर्व पांच नवंबर से; जानें कब है नहाय-खाय…..

ByAmritToday

Oct 15, 2024 ##Chhattisgarh, ##NEWS, ##Raipur, ##छत्तीसगढ़, ##रायपुर, #15 अक्टूबर 2024, #18 नवंबर (पहला दिन- नहाय-खाय), #19 नवंबर (दूसरा दिन: लोहंडा और खरना), #20 नवंबर (तीसरा दिन: छठ पूजा, #21 नवंबर, #21 नवंबर (चौथा दिन: सूर्योदय अर्घ्य, #amrittoday, #amrittoday.in छत्तीसगढ़ न्यूज, #BIG NEWSMID, #Breaking, #cg news, #Chhath Puja 2024: छठ महापर्व पांच नवंबर से; जानें कब है नहाय-खाय, #chhattisgarh breaking news, #chhattisgarh hindi news, #chhattisgarh latest hindi news, #chhattisgarh latest news, #Chhattisgarh news, #chhattisgarh news in hindi, #chhattisgarh news live today, #chhattisgarh news today, #chhattisgarhi news, #DAY NEWS, #Exclusive, #Hindi News, #HINDICHHATTISGARH, #KA SILSILATODAY'S, #latest news, #NEWSCHHATTISGARH, #NEWSHINDI, #NEWSINDIA, #NEWSKHABRON, #NEWSTODAY'S, #Today breaking news, #today news, #TODAY'S LATEST, #UPDATE, #अभी-अभी, #अमृत टुडे, #अर्घ्य का शुभ मुहूर्त 20 नवंबर, #आंगनों, #आज की ताजा खबर, #इंडिया न्यूज़, #इस वर्ष 5 नवंबर से प्रारंभ होगा। यह पर्व मुख्य रूप से पूर्वी भारत, #इस साल छठ पूजा कब है? जानें नहाय-खाय, #और पूर्वी उत्तर प्रदेश में धूमधाम से मनाया, #खबरछत्तीसगढ़, #घाट की सफाई, #चार दिवसीय छठ पूजा की शुरुआत पांच नवंबर से....., #चार दिवसीय छठ महापर्व 5 नवंबर को नहाय खाय के साथ प्रारंभ होगा....., #छठ पर्व बिहार, #छठ महापर्व, #छठ महापर्व पांच नवंबर से; जानें कब है नहाय-खाय....., #छठ महापर्व स्वच्छता का सबसे बड़ा प्रतीक है....., #छठ मैया विश्व की सबसे बड़ी स्वच्छता की ब्रांड एंबेसडर हैं....., #छत्तीसगढ़ न्यूज़, #जल स्रोत की पवित्रता, #जानिए इस साल छठ पूजा की तिथियां क्या हैं, #जो कि प्रकृति और सूर्य देवता की उपासना का पर्व है, #झारखंड, #झारखंड और उत्तर प्रदेश में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. इस पर्व पर सूर्य देव और छठी मैया की विशेष पूजा की जाती है. आइए जानते हैं इस बार यह पर्व कब मनाया जाएगा, #तिथि के अनुसार, #नहाय खाय के दिन व्रती, #न्यूजछत्तीसगढ़, #पर्व में श्रद्धालु अपने घरों, #पारण का दिन), #महादेव घाट को विशेष रूप से सजाया और साफ किया जाएगा, #रायपुर महादेव घाट में आयोजन संपन्न होगा....., #लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज, #विशेषकर बिहार, #शाम को अर्घ्य (5.25 बजे), #सुबह को अर्घ्य (6.48 बजे), #सूर्य देवता की पूजा, #हिंदीछत्तीसगढ़, #‘छठ घाट’
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चार दिवसीय छठ महापर्व 5 नवंबर को नहाय खाय के साथ प्रारंभ होगा…..

Chhath Puja 2024: छठ महापर्व पांच नवंबर से; जानें कब है नहाय-खाय, इस दिन देंगे डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य…..

चार दिवसीय छठ पूजा की शुरुआत पांच नवंबर से…..

इस साल छठ पूजा कब है? जानें नहाय-खाय, संध्या और उगते सूर्य को अर्घ्य देने का समय…..

छठ पर्व बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. इस पर्व पर सूर्य देव और छठी मैया की विशेष पूजा की जाती है. आइए जानते हैं इस बार यह पर्व कब मनाया जाएगा, साथ ही लोग इस पर्व को कैसे और क्यों मनाते हैं…..

रायपुर,15 अक्टूबर 2024

अमृत टुडे। छठ महापर्व, जो कि प्रकृति और सूर्य देवता की उपासना का पर्व है, इस वर्ष 5 नवंबर से प्रारंभ होगा। यह पर्व मुख्य रूप से पूर्वी भारत, विशेषकर बिहार, झारखंड, और पूर्वी उत्तर प्रदेश में धूमधाम से मनाया जाता है। छठ पूजा चार दिनों तक चलने वाला एक अनुष्ठान है, जिसमें व्रत, स्नान, और सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा शामिल होती है।

इस पर्व की शुरुआत ‘नहाय खाय’ से होती है। नहाय खाय के दिन व्रती (व्रत करने वाले) गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान कर शुद्ध होते हैं। इसके बाद शुद्ध शाकाहारी भोजन ग्रहण करते हैं, जिसे प्रसाद के रूप में माना जाता है। छठ पर्व का मुख्य उद्देश्य सूर्य देवता की आराधना कर उनकी कृपा प्राप्त करना और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करना होता है।

छठ महापर्व स्वच्छता का सबसे बड़ा प्रतीक है…..

छठ महापर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं है, बल्कि यह स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देता है। यह पर्व स्वच्छता के प्रति समाज को जागरूक करने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व में श्रद्धालु अपने घरों, आंगनों, और छठ घाटों की सफाई करते हैं और पवित्रता का विशेष ध्यान रखते हैं।

सूर्य देवता की पूजा के लिए व्रती जिस स्थान पर अर्घ्य देते हैं, उसे ‘छठ घाट’ कहा जाता है। छठ पूजा के दौरान ये घाट साफ-सुथरे होने चाहिए, ताकि वहां पूजा की सभी क्रियाएं पूरी पवित्रता और स्वच्छता के साथ की जा सकें। छठ पर्व के दौरान जल स्रोतों और उनके आसपास की सफाई का विशेष महत्व होता है, ताकि पूजा करते समय प्राकृतिक संसाधनों की पवित्रता बनी रहे।

इस पर्व की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि श्रद्धालु अपने आस-पास स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ पूरे समाज को स्वच्छता का संदेश देते हैं। छठ पूजा में उपयोग होने वाली सभी सामग्रियां प्राकृतिक और जैविक होती हैं, जैसे कि बांस की टोकरी, मिट्टी के दीपक, और फलों का प्रसाद, जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होता।

छठ मैया विश्व की सबसे बड़ी स्वच्छता की ब्रांड एंबेसडर हैं…..

छठ महापर्व के केंद्र में सूर्य उपासना और स्वच्छता का ऐसा अनूठा संगम है, जो इसे विशिष्ट बनाता है। इसे ध्यान में रखते हुए, यह कहा जा सकता है कि छठ मैया (माँ छठी) स्वच्छता की सबसे बड़ी ब्रांड एंबेसडर हैं। इस पर्व के दौरान व्रती और उनके परिवार जन न केवल अपने घरों और छठ घाटों की सफाई करते हैं, बल्कि यह सुनिश्चित करते हैं कि पूजा के बाद घाटों और जल स्रोतों को भी साफ-सुथरा रखा जाए।

यह पर्व समाज को यह सीख देता है कि स्वच्छता सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान के लिए ही नहीं, बल्कि जीवन के हर पहलू में आवश्यक है। छठ मैया के आशीर्वाद से लोग न केवल अपने परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं, बल्कि पर्यावरण की शुद्धता और स्वच्छता की दिशा में भी कदम बढ़ाते हैं।

छठ पूजा के दौरान व्रती सुबह और शाम दोनों समय सूर्य को अर्घ्य देते हैं। इस दौरान व्रतियों के मन में केवल श्रद्धा और समर्पण नहीं होता, बल्कि वह प्रकृति और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाते हैं। छठ मैया की आराधना करते समय स्वच्छता का जो संदेश दिया जाता है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनता है।

रायपुर महादेव घाट में आयोजन संपन्न होगा…..

रायपुर के महादेव घाट पर छठ पूजा का आयोजन भव्य तरीके से किया जाएगा। हर साल की तरह इस वर्ष भी छठ पूजा के अवसर पर महादेव घाट को विशेष रूप से सजाया और साफ किया जाएगा। रायपुर के श्रद्धालुओं के लिए यह एक विशेष स्थान है, जहां वे छठ मैया की पूजा करने के लिए एकत्रित होते हैं। अप

महादेव घाट पर प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की जाएगी, ताकि व्रतियों को पूजा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। घाट की सफाई, जल स्रोत की पवित्रता, और सुरक्षा के इंतजामों का खास ध्यान रखा जाएगा। इसके अलावा, व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा और स्वच्छता के लिए विशेष दल तैनात किए जाएंगे।

छठ पूजा के दौरान महादेव घाट पर सूर्यास्त और सूर्योदय के समय व्रती सूर्य को अर्घ्य देंगे। इस अनुष्ठान के माध्यम से व्रती अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं और सूर्य देवता से अपनी और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। महादेव घाट की पवित्रता और स्वच्छता को बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और समाज सेवी संस्थाएं मिलकर कार्य करेंगी, ताकि छठ महापर्व का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

इस प्रकार छठ महापर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि यह समाज को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश भी देता है।

तिथि के अनुसार, छठ पूजा 4 दिनों की होती है

अर्घ्य का शुभ मुहूर्त 20 नवंबर

शाम को अर्घ्य (5.25 बजे)

21 नवंबर

सुबह को अर्घ्य (6.48 बजे)

जानिए इस साल छठ पूजा की तिथियां क्या हैं

18 नवंबर (पहला दिन- नहाय-खाय): छठ पूजा का प्रारंभ कार्तिक शुक्ल चतुर्थी तिथि से होती है। यह छठ पूजा का पहला दिन होता है, इस दिन नहाय खाय होता है। इस वर्ष नहाय-खाय 18 नवंबर दिन बुधवार को है। इस दिन सूर्योदय सुबह 6:46 बजे और सूर्यास्त शाम को 5:26 पर होगा।

19 नवंबर (दूसरा दिन: लोहंडा और खरना) : लोहंडा और खरना छठ पूजा का दूसरा दिन होता है। यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होता है। इस वर्ष लोहंडा और खरना 19 नवंबर दिन गुरुवार को है। इस दिन सूर्योदय सुबह 6:47 बजे पर होगा और सूर्यास्त शाम को 5:26 पर होगा।

20 नवंबर (तीसरा दिन: छठ पूजा, संध्या अर्घ्य) छठ पूजा का मुख्य दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि होती है। इस दिन ही छठ पूजा होती है। इस दिन शाम को सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इस वर्ष छठ पूजा 20 नवंबर को है। इस दिन सूर्याेदय 6:48 बजे पर होगा और सूर्यास्त 5:26 बजे होना है। छठ पूजा के लिए षष्ठी तिथि का प्रारम्भ 19 नवंबर को रात 9:59 बजे से हो रहा है, जो 20 नवंबर को रात 9:29 बजे तक है।

21 नवंबर (चौथा दिन: सूर्योदय अर्घ्य, पारण का दिन): छठ पूजा का अंतिम दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि होती है। इस दिन सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया जाता है। उसके बाद पारण कर व्रत को पूरा किया जाता है। इस वर्ष छठ पूजा का सूर्योदय अर्घ्य तथा पारण 21 नवंबर को होगा। इस दिन सूर्योदय सुबह 6:49 बजे तथा सूर्यास्त शाम को 5:25 बजे होगा।

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