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रायपुर, 15 मार्च 2025

अमृत टुडे। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर पत्रकारों के साथ विस्तृत चर्चा की, जिसमें प्रमुख रूप से झीरम कांड स्थल का दौरा करने की योजना शामिल है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा, जो राज्य के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं, झीरम घाटी के उस अत्यंत दर्दनाक स्थल का दौरा करने का निर्णय लिया है, जहां दुर्भाग्यवश नक्सली हमले के दौरान कई नेताओं, सुरक्षाबल के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी।

मंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि झीरम और हेराबोर जैसी घटनाओं में हुए जन और धन की हानि को याद करते हुए, वे बस्तर की शांति और सद्भाव के लिए ईश्वर से प्रार्थना करेंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि, “बस्तर में घटित उन सभी घटनाओं के प्रति हमारी संवेदनाएँ हैं, जहाँ आदिवासी समाज को जलाया गया और नेताओं पर हमले किए गए। हम उन सभी के लिए शांति की प्रार्थना करेंगे,” यह बताते हुए कि यह कृत्य बहुत गहरे घाव छोड़ गया है। इस प्रकार, उन्होंने यह संकेत भी दिया कि राज्य सरकार इन समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है।

छत्तीसगढ़ में डिजिटल ग्राम पंचायत की शुरुआत पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि अब ग्राम पंचायतों से सीधे फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की शुरुआत होगी, जिससे ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी। पेंशन योजनाओं का लाभ सीधे पंचायतों से मिल सकेगा, जिससे बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को अपने हक की राशि समय पर और बिना किसी बाधा के मिल सकेगी। साथ ही रेलवे टिकट, मॉल और फिल्म टिकट जैसी सुविधाओं के लिए भी समांतर व्यवस्था खड़ी की जा रही है, ताकि ग्रामीण लोग आसानी से इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि ग्रामीणों को घर बैठे अधिकतम सुविधाएं मिलें, और इसके लिए पंचायतें तकनीकी रूप से सशक्त बनें।” इस पहल के माध्यम से सरकार का उद्देश्य ग्रामीण विकास को प्रोत्साहित करना और डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करना है।

छत्तीसगढ़ में आज से ‘आवास सर्वे पखवाड़ा’ का आयोजन शुरू किया गया है, जिसके अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा विभिन्न स्तरों पर आवास की स्थिति का विस्तृत सर्वेक्षण किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया कि आज के दिन से यह महत्वपूर्ण पहल लागू हो चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं बस्तर क्षेत्र में इस सर्वेक्षण की शुरुआत करेंगे, जो कि इस प्रक्रिया का एक प्रमुख हिस्सा है।

इसके बाद, विभिन्न समय पर विधायक, मंत्री, जिला अध्यक्ष और जनपद अध्यक्ष भी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए अलग-अलग आवासों का सर्वेक्षण करेंगे, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि हर क्षेत्र में आवास की स्थिति का उचित आकलन किया जा सके। इस सर्वे में अब तक 6 लाख आवासों की जानकारी एकत्रित की जा चुकी है।

सरकार का स्पष्ट और महत्वाकांक्षी लक्ष्य है कि हर पात्र परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उचित रूप से प्राप्त हो, ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार और सामाजिक स्थिरता बनी रहे। यह पहल आवास की गुणवत्ता और उपलब्धता को बढ़ाने के साथ-साथ, छत्तीसगढ़ में स्थाई आवास के अधिकार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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