रायपुर, 04 मई 2025 |
अमृत टुडे। ‘यह कार्यक्रम, जो कि 03 मई की शाम को खारुन नदी के किनारे स्थित महादेव घाट में आयोजित किया गया, खारुन गंगा महाआरती के नाम से जाना जाता है। इस विशेष अवसर पर, स्थानीय समुदाय और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित हुए, ताकि वे इस धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा बन सकें और अपने आध्यात्मिक अनुभव को समृद्ध कर सकें।
इस विशेष अवसर पर, स्थानीय समुदाय और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित हुए, ताकि वे इस धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा बन सकें और अपने आध्यात्मिक अनुभव को समृद्ध कर सकें। महाआरती का आयोजन नदी के घाट पर संगीत, मंत्रों और दीपों की रोशनी के साथ किया गया, जिससे वातावरण में एक दिव्य और उत्सव-मय जीवन का संचार हुआ।’ महादेव घाट जन सेवा समिति ने इस विशेष आयोजन में भाग लेने वाले समस्त श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों, एवं पूरे छत्तीसगढ़वासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
समिति ने अपने वक्तव्य में यह उल्लेख किया कि यह आयोजन केवल एक सभा नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा अवसर है जिसमें श्रद्धा और आस्था का अद्भुत सामंजस्य देखने को मिलता है। समिति का कहना है कि महादेव घाट, अपने दिव्य उपासना स्थल के रूप में, श्रद्धा और विश्वास का सशक्त प्रतीक है, जो सदैव दीपों से जगमगाता रहेगा, जिसका प्रकाश न केवल भक्तों के दिलों को आलोकित करता है, बल्कि एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है।

समिति ने इस बात की पुष्टि की है कि वे आगे भी इसी प्रकार के आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए संकल्पित हैं,
ताकि समाज में एकजुटता एवं सामूहिक धार्मिक भावनाओं को प्रोत्साहित किया जा सके। कार्यक्रम के समापन पर भक्तों ने अपनी भक्ति और श्रद्धा का प्रदर्शन करते हुए “जय खारुन गंगा मैया”, “जय हाटकेश्वर महादेव” और “जय छत्तीसगढ़ महतारी” के जयघोष के साथ पूरे वातावरण को भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना दिया।

इस दौरान, भक्तों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर इन महिमामयी शब्दों का उच्चारण किया, जिससे पूरी सभा में एक अद्भुत ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार हुआ। उनके जयघोष ने न केवल धार्मिक भावना को उजागर किया, बल्कि एकता और भाईचारे के भावना को भी मजबूत किया, जिससे कार्यक्रम का समापन एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।
“छत्तीसगढ़ की आस्था और एकता की यह मिसाल, जो सामूहिकता और भाईचारे का प्रतीक है, आने वाले समय में भी प्रेरणा प्रदान करती रहेगी। यह अनूठा उदाहरण न केवल स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को समर्पित है, बल्कि यह समाज में एकजुटता और सहयोग की भावना को भी सशक्त बनाता है।
माँ खारून गंगा महाआरती महादेव घाट जनसेवा समिति, रायपुर छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में लोग अपनी आस्था व्यक्त करने के लिए एकत्रित होते हैं, जिससे यह साक्षात् दिखता है कि किस प्रकार धार्मिक उत्सव समाज में प्रेम और एकता का संचार करते हैं।”

