रायपुर,18 जुलाई 2025
अमृत टुडे । विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन, जब अंतिम निर्णय और चर्चाएँ प्रमुखता प्राप्त करती हैं, उस समय शून्यकाल में नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य कांग्रेस विधायकों ने हसदेव अरण्य में हो रही पेड़ कटाई के गंभीर मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने इस विषय पर विचार-विमर्श के लिए स्थगन का अनुरोध किया, जिससे सदन में इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा हो सके। इस संबंध में जब स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया, तो सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच काफी तीखी तकरार शुरू हो गई। इस हंगामे के बीच, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके, सदन की कार्यवाही को 5 मिनट के लिए स्थगित किया गया।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने हसदेव अरण्य में पेड़ कटाई की इस महत्वपूर्ण समस्या को उठाते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि कोयला खनन के नाम पर जंगलों का उजाड़ना एक अत्यंत गलत प्रथा है। उन्होंने यह भी बताया कि ग्राम सभा की स्वीकृति के बिना ही खनन कार्य शुरू कर दिया गया है, जो न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि स्थानीय समुदाय और पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करता है। उनके इस तर्क ने सदन में उपस्थित सभी सदस्यों का ध्यान आकर्षित किया और इस विषय के प्रति गहरी चिंता व्यक्त की गई।
कांग्रेस विधायक दल ने इस मुद्दे का विरोध किया है, और यह स्पष्ट है कि इस संबंध में हमारे स्थगन पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए। डॉ. महंत ने कहा कि तमनार क्षेत्र में, खनन के नाम पर जो गतिविधियाँ चल रही हैं, उनके कारण आसपास के घने जंगल उजड़ रहे हैं, जो पर्यावरण के लिए अत्यधिक हानिकारक है। इसके अतिरिक्त, यह भी बताया गया कि फसलों को रौंदा जा रहा है, जिससे स्थानीय किसानों की आज लाइवलीहुड पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। गारे-पालमा क्षेत्र में खनन को निरस्त करने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि स्थानीय लोग इस मुद्दे पर लगातार विरोध कर रहे हैं, ताकि उनकी आवाज़ सुनी जा सके।
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने भी इस समस्या पर अपनी आपत्ति जताई है, जो इस मामले की गंभीरता को प्रदर्शित करता है। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने इस बात पर जोर दिया है कि तमनार क्षेत्र में फर्जी तरीके से कार्य किए जा रहे हैं, जिससे यह चिंता बढ़ रही है कि खनन के नाम पर मनमानी और धोखाधड़ी की गतिविधियाँ व्यापक पैमाने पर चल रही हैं।

