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सेंट विन्सेंट पैलोटी कॉलेज में पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन…..

ByPreeti Joshi

Jul 30, 2025 #"होलिस्टिक एप्रोच, ##Chhattisgarh, ##NEWS, ##छत्तीसगढ़, ##रायपुर, #'इंडियन नॉलेज सिस्टम, #amrittoday, #amrittoday.in छत्तीसगढ़ न्यूज, #BIG NEWSMID, #Breaking, #Breaking news, #cg news, #chhattisgarh breaking news, #chhattisgarh hindi news, #chhattisgarh latest news, #Chhattisgarh news, #chhattisgarh news in hindi, #chhattisgarh news live today, #chhattisgarh news today, #chhattisgarhi news, #DAY NEWS, #Exclusive, #FDP, #Hindi News, #HINDICHHATTISGARH, #IKS का एकीकरण', #KA SILSILATODAY'S, #latest news, #NEWSCHHATTISGARH, #NEWSHINDI, #NEWSINDIA, #NEWSKHABRON, #NEWSTODAY'S, #Today breaking news, #today news, #TODAY'S LATEST, #UPDATE, #अभी-अभी, #अमृत टुडे, #आज की ताजा खबर, #इंडिया न्यूज़, #एम्पोवेरिंग एडुकेटर्स", #खबरछत्तीसगढ़, #छत्तीसगढ़ न्यूज़, #दुर्गा महाविद्यालय, #न्यूजछत्तीसगढ़, #पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, #पाठ्यक्रम, #प्राचार्य डॉक्टर कुलदीप दुबे, #महाविद्यालय, #लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज, #सेंट विन्सेंट पैलोटी कॉलेज, #हिंदीछत्तीसगढ़
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सेंट विन्सेंट पैलोटी कॉलेज में पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का दूसरा दिन: ‘इंडियन नॉलेज सिस्टम – पाठ्यक्रम में IKS का एकीकरण’ पर विशेष सत्र

रायपुर, 30 जुलाई 2025

अमृत टुडे।  सेंट विन्सेंट पैलोटी कॉलेज, रायपुर एवं दुर्गा महाविद्यालय, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का आज, 30 जुलाई 2025 को दूसरा दिन था।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर कुलदीप दुबे ने बताया कि “होलिस्टिक एप्रोच: एम्पोवेरिंग एडुकेटर्स” विषय पर केंद्रित इस FDP के दूसरे दिन, ‘इंडियन नॉलेज सिस्टम – पाठ्यक्रम में IKS का एकीकरण’ विषय पर एक महत्वपूर्ण सत्र का आयोजन किया गया।

इस सत्र को शासकीय CTE की सहायक प्राध्यापक डॉ. एम. विजया लक्ष्मी ने संबोधित किया। डॉ. विजया लक्ष्मी ने ‘इंडियन नॉलेज सिस्ट (IKS) के महत्व और इसे आधुनिक पाठ्यक्रम में प्रभावी ढंग से कैसे एकीकृत किया जा सकता है,

इस पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्राचीन भारतीय ग्रंथों, दर्शन और विज्ञान में निहित ज्ञान आज भी प्रासंगिक है और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए इसे शिक्षा का अभिन्न अंग बनाना आवश्यक है। उन्होंने IKS को विभिन्न विषयों जैसे विज्ञान, गणित, कला और सामाजिक विज्ञान में शामिल करने के व्यावहारिक तरीकों पर भी चर्चा की।

डॉ. विजया लक्ष्मी ने जोर दिया कि IKS का एकीकरण केवल इतिहास या संस्कृति को पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आलोचनात्मक सोच, समस्या-समाधान और रचनात्मकता जैसे कौशल को विकसित करने का एक शक्तिशाली साधन है। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि कैसे पारंपरिक भारतीय पद्धतियों और आधुनिक शैक्षणिक दृष्टिकोणों के बीच तालमेल बिठाया जा सकता है ताकि एक समृद्ध और बहुआयामी सीखने का अनुभव प्रदान किया जा सके। प्रतिभागियों ने सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया और IKS के एकीकरण को लेकर अपने विचार और प्रश्न साझा किए।

इस सत्र में महाविद्यालय के डायरेक्टर रेव्ह फादर अमित तिर्की, प्राचार्य डॉ. कुलदीप दुबे, उप प्राचार्या डॉ. जी. प‌द्मा गौरी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने सत्र को अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक पाया।

यह FDP 2 अगस्त 2025 तक चलेगा, जिसमें शिक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहन चर्चा की जाएगी। आगामी सत्रों में डॉ. एस. बी. किशोर, पंकज तिवारी और डॉ. विवेक भारतीय जैसे प्रतिष्ठित विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे।

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