रायपुर, अमृत टुडे। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के आर्थिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए पहले इनकम टैक्स के स्लैब को ऐतिहासिक रूप से बारह लाख रुपये तक बढ़ाने का निर्णय लिया, जिससे देश के मध्यम वर्गीय और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों को अत्यधिक राहत मिली है। इस निर्णय के माध्यम से लाखों और करोड़ों रुपये की राहत इन परिवारों तक पहुंचाई गई है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति में स्थिरता आई है। इसके परिणामस्वरूप, इन परिवारों की बचत क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसके चलते आर्थिक संकुचन कम हुआ, और इसके साथ ही देश की समग्र आर्थिक वृद्धि में भी गति प्राप्त हुई है।
प्रधानमंत्री ने अपने नेतृत्व में इनकम टैक्स के ढांचे को सुधारते हुए भारत सरकार की आमदनी को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी निर्णय लिया। इसी क्रम में, उन्होंने लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर G S 2.0 के माध्यम से अनेक बड़े सुधारों की घोषणा की, जिनका उद्देश्य देश की जनता के व्यापक हित में कार्य करना है। इन परिवर्तनों के तहत, विभिन्न वस्तुओं में रेडलेशराइजेशन की प्रक्रिया भी आरंभ की गई है, जिससे बाजार को मजबूती मिल रही है।
अभी हाल ही में, मैं ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठकों में सम्मिलित रहा, जहां इस दिशा में अनेक सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। इन बैठकों में, विभिन्न मंत्रालयों द्वारा विचार-विमर्श करके नए प्रस्तावों और सुधारों पर चर्चा की जा रही है, जो आर्थिक विकास को और अधिक प्रगति की दिशा में अग्रसर करने में सहायक होंगे।
प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के आलोक में, भारत सरकार, जीएसटी काउंसिल और अन्य संबंधित संस्थाएँ विभिन्न कमोडिटियों, वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में कमी लाने की दिशा में सक्रियता से कार्य कर रही हैं। जीएसटी के दरों में कमी आने से, जो कि रेडिस्ट्रलाइजेशन की प्रक्रिया में सहयोग करेगी, मध्यम वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग और देश के कई गरीब परिवारों को substantial सहायता मिलने की उम्मीद है। यह देश की समग्र अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है, जो न केवल सामाजिक समता को बल्कि आर्थिक स्थिरता को भी प्रोत्साहित करेगा।
साथ ही, compliance को बढ़ाने के लिए प्रक्रियाओं के सरलीकरण की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत पंजीकरण को बेहद आसान बनाना, इनपुट लेना सरल करना और सभी पहलुओं में टेक्नॉलजी, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, का उपयोग करना शामिल है। ये सुधार निश्चित रूप से देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।
इन उपायों के माध्यम से, लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा, उनकी बचत की क्षमता बढ़ेगी, और आर्थिक विकास की दर में तेज़ी के साथ वृद्धि देखने को मिलेगी। इस प्रकार के सुधार न केवल वर्तमान में आवश्यक हैं, बल्कि ये भविष्य में भी देश की आर्थिक भलाई को सुनिश्चित करेंगे।

