रायपुर,12 सितम्बर 2025
अमृत टुडे। भारतीय जनता पार्टी वास्तव में एक मानसिक दिवाली के दौर से गुजर रही है, जो तब से सुर्खियों में है जब से विभिन्न स्थानों पर भारतीय जनता पार्टी के वोट चोरी से संबंधित मामलों का पर्दाफाश हो रहा है। इन घटनाओं के उजागर होने के बाद भाजपा में बौखलाहट देखी जा रही है। उदाहरण के लिए, बिलासपुर में आयोजित वोट कर गाड़ी कार्यक्रम एक ऐतिहासिक सफलता के स्तर पर संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम की सफलता को देखकर भाजपा के सामने कांग्रेस पार्टी को नीचा दिखाने के लिए कुछ ठोस तथ्य नहीं बचे हैं, जिससे अब पार्टी नकारात्मक प्रचार को तूल देने का प्रयास कर रही है।

भाजपा के बयानों की सच्चाई पर सवाल उठाते हुए कहना आवश्यक है कि उन घटनाओं में ऐसा कुछ हुआ ही नहीं, जैसा भाजपा के नेता अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दर्शा रहे हैं। राष्ट्रीय प्रभारी विजय जांगिड़ और पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के बीच किसी प्रकार की आपसी बातचीत का कोई प्रमाण नहीं है। वास्तव में, अमरजीत भगत उस समय भाषण दे रहे थे, जब राष्ट्रीय प्रभारी सचिन पायलट कार्यक्रम में आए थे और सूचना देने के लिए विजय जांगिड़ ने माइक अपनी ओर करके जानकारी साझा की। लेकिन भाजपा इस पूरी स्थिति को अलग दृष्टिकोण से पेश कर रही है, जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

इस बीच, यह अनिवार्य है कि भाजपा कांग्रेस पार्टी को आदिवासी व्यवस्था का सम्मान करने की शिक्षा न दे, जब वह खुद आदिवासी समुदाय के प्रति असमानता का व्यवहार कर रही है। वास्तव में, भाजपा ने विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी के प्रदेश अध्यक्ष को न केवल पद से हटा दिया था बल्कि उनके प्रति अपनी नकारात्मक सोच भी व्यक्त की थी। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि भाजपा की कथनी और करनी में कितना अंतर है।
वह भारतीय जनता पार्टी जो अब आदिवासी समुदाय के प्रति हो रहे अत्याचारों के मामले में मौन धारण किए हुए है, उन्हें इस स्थिति पर कोई ठोस कार्रवाई करने की आवश्यकता है, खासकर जब बात बस्तर क्षेत्र की होती है। बस्तर में आदिवासियों के खिलाफ हो रहे अन्याय और अत्याचारों की अनदेखी करने के बजाय, यह पार्टी पहले स्वयं को सुधारने की कोशिश करे। साथ ही, भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस को शिक्षा देने के बजाय अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और उन मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए जो वास्तव में लोगों के हित में हों। इससे न केवल पार्टी की छवि में सुधार होगा, बल्कि यह समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी भेजेगा।

