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शासन की पुनर्वास नीति से बस्तर लौट रहा मुख्यधारा में: विजय शर्मा

उपमुख्यमंत्री ने नक्सल मोर्चे पर वीरता दिखाने वाले जवानों के साथ किया रात्रि भोज

जवानों ने उपमुख्यमंत्री से साझा किए अपने अनुभव, बताया अब हो रहा बस्तर का विकास

बस्तर, 13 अक्टूबर 2025

अमृत टुडे। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने हाल ही में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अद्वितीय साहस और वीरता दिखाते हुए विकास की नई संभावनाएँ खोलने वाले जवानों के सम्मान में अपने निवास स्थान पर एक भव्य रात्रिभोज का आयोजन किया।

इस विशिष्ट रात्रिभोज में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों, जैसे कि सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बस्तर, कांकेर और कोण्डागांव से आए हुए पुलिस बल, डीआरजी और बस्तर फाइटर के वीर जवानों ने भाग लिया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने न केवल सभी के साथ बैठकर भोजन किया, बल्कि उन्होंने जवानों के साथ अपने अनुभव साझा करने का भी अवसर प्रदान किया।

रात्रिभोज के दौरान,
डीआरजी के जवानों ने दर्शाया कि किस प्रकार उन्होंने दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों और ऊंचाइयों पर नक्सलियों के खिलाफ प्रतिरोध किया है।

उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय लोग उन्हें किस प्रकार आशा और विश्वास की दृष्टि से देखते हैं।

इन वार्तालापों में यह प्रमुख विषय उभर कर आया कि नक्सल आतंक के कम होते प्रभाव के चलते, बस्तर पुनः विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।

जवानों ने खुलासा किया कि अब क्षेत्र में कैम्पों की स्थापना की जा रही है और ‘नियद नेल्लानार’ योजना और ‘इलवद ग्राम पंचायत’ जैसी विकास योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिससे ग्रामीणों में विश्वास जगाने में मदद मिली है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि अब सभी बस्तरवासी नक्सलवाद के अंधकार से मुक्त होने के बाद, विकास के नए क्षितिज की ओर बढ़ने के लिए पूरी तरीके से तत्पर हैं।

इस रात्रिभोज ने केवल एक सामूहिक भोज का आयोजन नहीं था, बल्कि यह साहस, एकता और विकास की दिशा में नई संभावनाओं का प्रतीक बन गया।

बस्तर क्षेत्र की महिला जवानों ने बताया कि वे न केवल अपने कर्तव्यों का निर्वहन करती हैं, बल्कि घने और दुर्गम जंगलों में जाकर कई दिनों तक समय बिताने का साहस भी रखती हैं।

इन कठिन परिस्थितियों में भी वे अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए नक्सलियों का सामना बहादुरी से कर रही हैं, जिससे उनकी मानसिक और शारीरिक क्षमता का पता चलता है।

उन्होंने यह भी साझा किया कि जब वे स्थानीय गांवों में जाती हैं, तब ग्रामीण उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखते हैं। इस बदलाव का मुख्य कारण यह है कि शासन और इन जवानों के प्रति लोगों का विश्वास निरंतर बढ़ता जा रहा है।

उनका प्रयास हमेशा यही होता है कि वे इस विश्वास को बनाए रखें और सुनिश्चित करें कि प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा का दायित्व निभाया जा सके।

महिला जवानों ने उल्लेख किया कि शासन द्वारा लागू की गई उत्कृष्ट पुनर्वास नीति के परिणामस्वरूप, ऐसे युवा जो मुख्यधारा से भटक चुके थे, अब वापस लौटने लगे हैं।

यह एक सकारात्मक परिवर्तन है, जिसे वे प्रतिदिन अपने सामने होते हुए देख रहे हैं। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने इस संदर्भ में सभी जवानों को प्रोत्साहित करने की दिशा में कदम उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव के नेतृत्व में शासन नक्सलवाद को मार्च 2026 तक जड़ से समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

शासन का उद्देश्य यह है कि हर व्यक्ति का विकास सुनिश्चित किया जाए, और राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों को भी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

अंत में,
उपमुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी जवानों को सम्मानित करते हुए, उन सभी को दीपावली की अग्रिम बधाई दी और उपहार भी प्रदान किए, जिससे उनके मनोबल को और भी ऊँचा किया जा सके।

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