ग्राम गिधाली की महिला का सी-सेक्शन ऑपरेशन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहला में सफल
डॉ. अरविंद बनकर व टीम ने रचा इतिहास, ग्रामीण क्षेत्र में सुरक्षित प्रसव की नई शुरुआत
अब नहीं जाना पड़ेगा राजनांदगांव, मोहला सीएचसी में ही मिलेगी सी-सेक्शन सुविधा
150 KM दूर के अस्पतालों पर अब नहीं निर्भर रहेंगी ग्रामीण महिलाएं, मोहला बना नया स्वास्थ्य केंद्र
उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को स्थानीय स्तर पर मिलेगा इलाज
मोहला सीएचसी में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मिली बड़ी मजबूती
मातृ मृत्यु दर में कमी की उम्मीद, ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को मिलेगा समय पर इलाज
डॉ. बनकर, डॉ. शर्मा, डॉ. ठाकुर व डॉ. कोवाची की संयुक्त टीम का सराहनीय कार्य
मोहला सीएचसी ने रचा इतिहास, अब ग्रामीण अंचल में भी सुरक्षित सिजेरियन की सुविधा
सीएचसी मोहला में हुआ सफल सिजेरियन ऑपरेशन, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ
सीएचसी में स्त्रीरोग विशेषज्ञ की नियुक्ति, गर्भवती माताओं को मिलेगा लाभ
अमृत टुडे।रायपुर ,13 अक्टूबर 2025/
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहला ने हाल के दिनों में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है, जो कि स्थानीय समुदाय के लिए एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

ग्राम गिधाली की गर्भवती महिला कुलेश्वरी, जिनके पति का नाम अर्जुन है, का सिजेरियन ऑपरेशन, जिसे सामान्यतः सी-सेक्शन के रूप में जाना जाता है, स्वास्थ्य केंद्र की अत्याधुनिक चिकित्सक टीम द्वारा सफलतापूर्वक किया गया।
इस महत्वपूर्ण शल्यक्रिया को विशेषज्ञता के साथ अंजाम देने में स्त्रीरोग विशेषज्ञों की एक संयुक्त और समर्पित टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें डॉ. अरविंद बनकर, डॉ. दिलीप शर्मा, डॉ. सीमा ठाकुर, एवं डॉ. एस.आर. कोवाची शामिल थे।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान, ऑपरेशन को पूरी तरह से सुरक्षित रूप से सम्पन्न किया गया, जिससे जच्चा और बच्चा दोनों की स्वास्थ्य स्थिति संतोषजनक बनी रही।
अब जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहला में स्त्रीरोग विशेषज्ञ की नियुक्ति हो गई है, तो उच्च जोखिम वाली गर्भवती माताओं के लिए यह सुविधा उपलब्ध हो गई है।

इसके परिणामस्वरूप, माताओं को प्रसव हेतु राजनांदगांव या किसी निजी अस्पताल में जाने की आवश्यकता नहीं होगी, जो पहले एक चुनौतीपूर्ण कार्य था।
अब, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहला में ही सिजेरियन ऑपरेशन और संपूर्ण चिकित्सा जांच की सुविधा उपलब्ध होने के कारण, मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई मजबूती देने का अवसर मिल रहा है।
यह विशेष रूप से उन ग्रामीण महिलाओं के लिए अत्यधिक लाभकारी साबित होगा, जिन्हें पहले औंधी से राजनांदगांव तक लगभग 150 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी।
इस उपलब्धि के माध्यम से क्षेत्र की ग्रामीण महिलाओं को समय पर सुरक्षित प्रसव और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की संभावनाएं बढ़ गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप मातृ मृत्यु दर में कमी आने की संभावना भी है। यह पहल निश्चित रूप से समुदाय के समग्र स्वास्थ्य स्तर को सुधारने में सहायक सिद्ध होगी।


