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गिरौदपुरी धाम के लिए रवाना हुई 200 श्रद्धालुओं की सतनाम संदेश शोभायात्रा…..

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सतनामी समाज की आस्था का प्रतीक बनी सतनाम संदेश शोभायात्रा

“मानव मानव एक समान” के संदेश के साथ निकली सतनाम संदेश शोभायात्रा

सतनामी समाज की शोभायात्रा ने दिया भाईचारे और नशामुक्ति का संदेश

चार वर्षों से लगातार जारी है सतनाम संदेश शोभायात्रा की परंपरा

सतनामी समाज ने फिर निभाई परंपरा, मुंगेली से गिरौदपुरी तक निकली शोभायात्रा

मुंगेली, अमृत टुडे। समाज के द्वारा आयोजित “सतनाम संदेश शोभायात्रा” एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग, जो सतनामी समाज से संबंधित हैं, एकत्रित हुए हैं। यह शोभायात्रा मानवता के सार्वभौमिक मूल्य “मानव मानव एक समान” के संदेश को फैलाने के उद्देश्य से मुंगेली से पैदल निकलकर गिरौदपुरी धाम की ओर बढ़ी है। इस शोभायात्रा का आयोजन बाबा जी के द्वारा दिए गए उपदेशों को लोगों के बीच लाने के लिए किया गया है, ताकि वे इस महत्वपूर्ण संदेश को अपने जीवन में उतार सकें।

साथ ही, यात्रा के दौरान समाज के सदस्य लोगों को नशे से दूर रहने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं, ताकि समाज में स्वास्थ्य, समर्पण और एकता को बढ़ावा दिया जा सके। बरपाली में, सतनामी समाज के सदस्यों ने यात्रा का स्वागत किया और इस अवसर पर “सतनाम संदेश शोभायात्रा” का अद्भुत आयोजन किया। इस शोभायात्रा में लगभग दो सौ लोग सामूहिक रूप से गिरौदपुरी धाम के लिए रवाना हुए हैं।

यह उल्लेखनीय यात्रा 10 अक्टूबर को मुंगेली से प्रारंभ होकर 180 किलोमीटर की दूरी तय करती है। इसे 5 चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसमें तखतपुर, बिलासपुर, दरिघाट, मस्तूरी, मुलमुला, पामगढ़, शिवरीनारायण, बरपाली, मडवा और अंततः गिरौदपुरी धाम शामिल हैं।

सतनाम संदेश शोभायात्रा में शामिल होने वाले हर व्यक्ति को बरपाली के निवासी खीखराम निराला और मयामति निराला द्वारा नारियल भेंट किए गए, जो इस भावना और समर्पण का प्रतीक हैं। यह शोभायात्रा पिछले चार वर्षों से निरंतर मुंगेली से गिरौदपुरी धाम के लिए आयोजित की जा रही है। इस वर्ष भी, बड़ी संख्या में सतनामी समाज के लोगों ने इस आयोजन में भाग लेकर बरपाली में महत्व पूर्वक स्वागत किया। अनुप निराला द्वारा यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं के लिए नाश्ते की व्यवस्था की गई थी, जो आपसी भाईचारे और एकता का सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत करता है।

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