नया राशन कार्ड तो बना दिया गया था, अब केवाईसी न करने वालों को राशन न देने की तैयारी
सरकार ने केवाईसी की जिम्मेदारी को धुंधला किया — राशन वितरण पर विवाद शुरु
रायपुर, अमृत टुडे। नवंबर महीने से लगभग 31 लाख से अधिक परिवारों को राशन नहीं मिलेगा, जो कि एक चिंताजनक स्थिति है।
इस संदर्भ में सरकार का कहना है कि इन परिवारों ने केवाईसी (Know Your Customer) प्रक्रिया पूरी नहीं की है, जो कि अनिवार्य है।
अब,
यह देखना आवश्यक है कि केवाईसी कराने की जिम्मेदारी वास्तव में किसकी है—क्या यह सरकार की जिम्मेदारी है, खाद्य विभाग की जिम्मेदारी है, या संबंधित राशन दुकान के संचालक की जिम्मेदारी है।

इन सब के बीच,
यह ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है कि जब सरकार में बदलाव हुआ था, तब मुख्यमंत्री ने अपने फोटो को राशन कार्ड में लगवाने की इच्छा व्यक्त की थी, जबकि खाद्य मंत्री ने भी राशन कार्ड में अपनी फोटो लगवाना चाहा था।
उस समय,
इस प्रक्रिया में कई राशन कार्डों को पुन: नवीनीकरण किया गया और नए राशन कार्ड जारी किए गए। इसी दौरान, सभी से आधार कार्ड लेने की अनिवार्यता भी रखी गई थी, जिससे उस समय केवाईसी प्रक्रिया को पूरा किया जा सका।
अब,
एक बार फिर से नए सिरे से केवाईसी कराने पर जोर दिया जा रहा है, जबकि इससे यह संदेह उत्पन्न होता है कि क्या सरकार वास्तव में इस प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को राशन उपलब्ध कराने में विफल रहने की रणनीति तैयार कर रही है।

यह आरोप लगाया जा रहा है कि केवाईसी का बहाना बनाते हुए सरकार लाखों लोगों को अपने अधिकारों से वंचित करने की योज़ना बना रही है।
कांग्रेस पार्टी इस स्थिति की कड़ी निंदा करती है और इसे एक गंभीर सामाजिक मुद्दा मानती है, जहाँ खाद्य सुरक्षा का अधिकार प्रभावित हो रहा है।
चंगाई सभा पर तत्काल रोक लगनी चाहिए, ताकि समाज में किसी भी प्रकार का असंतोष या विवाद उत्पन्न न हो सके।
गृह मंत्री,
आपसे यह अपेक्षा की जाती है कि आप इस रोक को लगाने के लिए आवश्यक कानूनी प्रावधानों की जानकारी प्रदान करें।
जब आप विपक्ष में थे,
तब आपने धर्मांतरण के मुद्दे पर कई बार व्यक्ति और समाज की भलाई के लिए गंभीर बयान दिए थे, और यह आश्वासन दिया था कि आपकी सरकार इस पर सख्त कानून बनाएगी।
इस संदर्भ में,
आपकी केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यह स्पष्ट करना आवश्यक समझा था कि क्या भविष्य में धर्मांतरण को नियंत्रित करने के लिए कोई कानून प्रस्तावित किया जाएगा। इस मुद्दे पर अधिक से अधिक जानकारी देना और उचित कार्रवाई करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।


