जगदलपुर, अमृत टुडे। बस्तर संभाग के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान, जगदलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल, से हाल ही में एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल उठाता है। जानकारी के अनुसार, अस्पताल में पिछले 9 महीनों के दौरान भर्ती हुए कुल 1920 मरीज बिना अपने उपचार को पूरा किए ही अस्पताल से गायब हो गए हैं। जब मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन ने मरीजों के रजिस्टर का गहन अध्ययन किया, तो उन्हें यह आंकड़ा देखकर गहन आश्चर्य और चिंता का सामना करना पड़ा। अस्पताल के प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि इन सभी मरीजों को उनके स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण भर्ती किया गया था, लेकिन दुर्भाग्यवश, कई मरीजों ने उपचार के बीच में ही अस्पताल छोड़ने का निर्णय लिया।
मरीजों के अचानक गायब होने की इस घटना के परिणामस्वरूप, अस्पताल की रिकॉर्ड-कीपिंग अधूरी रह गई, और जरूरी डिस्चार्ज डॉक्यूमेंट भी तैयार नहीं हो पाए। इस स्थिति ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और सामाजिक संगठनों के बीच इस मुद्दे की गहन जांच का आग्रह उत्पन्न कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इतनी बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल छोड़ रहे हैं, तो यह स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली और उसकी प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
इस संदर्भ में, स्वास्थ्य विभाग को अत्यंत गंभीरता के साथ इस मुद्दे का समाधान ढूंढ़ने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। अस्पताल प्रबंधन को भी मरीजों के रहन-सहन, इलाज की प्रक्रिया, और उनकी आवश्यकताओं के प्रति अधिक संवेदनशील बनने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं पुनरावृत्ति न करें।




