• Fri. Mar 27th, 2026

छग में महिलाओं को 1,000‑रूपए महीना देने वाला महतारी वंदन योजना अभी तक अधूरा: धनंजय सिंह ठाकुर का आरोप

Spread the love

वित्त विभाग ने 606 करोड़ रुपए प्रति माह के दायित्व पर चिंता जताई — सरकार के पास पर्याप्त राशि नहीं।

“डबल इंजन” सरकार में महिलाओं को राहत नहीं मिल रही, कहा‑ गया कि कन्नी काटने की साजिश हो रही है।

रायपुर, अमृत टुडे। “महीनों बाद भी अधूरा रहना ‘गारंटी’ के नाम पर किया गया बड़ा वादा है,” प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा, जब 21 महीने बाद भी महिलाओं को नियमित राशि नहीं मिली और अब केवाईसी के बहाने पात्रता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने इस मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की ओर से दी गई गारंटी के अनुसार मुख्यमंत्री की पत्नी को महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने 1000 रुपए का लाभ मिलना था। लेकिन आज, जब इस योजना को शुरू हुए 21 महीने का समय हो गया है, तब सरकार पात्र एवं अपात्र व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी हुई है। यह स्पष्ट है कि यह प्रक्रिया महिलाओं के साथ धोखा करने का एक प्रयास प्रतीत होती है।

उन्होंने उल्लेख किया कि प्रारंभिक चरण में 69 लाख महिलाओं को पहले किस्त के रूप में यह राशि प्राप्त हुई थी। हालांकि, जब गृह मंत्री अमित शाह 20 महीने के लंबे अंतराल के बाद अगली किस्त जारी करते हैं, तो आकड़े में पांच लाख महिलाओं की कमी देखी जाती है। अब सरकार केवाईसी (Know Your Customer) के नाम पर महिलाओं को परेशान करने की योजना बना रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि महिलाओं के नामों को हटाने का यह एक सुनियोजित प्रयास है।

धनंजय सिंह ठाकुर ने यह भी कहा कि महतारी वंदन योजना, जिसे मोदी की गारंटी के रूप में प्रस्तुत किया गया था, अब इसे पूरा करने में सरकार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि 606 करोड़ रुपए हर महीने इस योजना के अंतर्गत वितरित किए जाने थे, लेकिन इस पर वित्त विभाग की ओर से आपत्तियां उठाई जा चुकी हैं, और सरकार के पास इस राशि को जारी रखने के लिए आवश्यक फंड मौजूद नहीं है।

इस प्रकार, डबल इंजन वाली सरकार में आर्थिक मदद न मिलने के कारण, सरकार द्वारा चलाया जा रहा यह केवाईसी प्रक्रिया का नाटक केवल महतारी वंदन योजना से महिलाओं को बाहर करने का कार्य कर रहा है। यह वास्तव में प्रदेश की महिलाओं के साथ एक बड़ा धोखा साबित हो रहा है, और ऐसे में उन्हें अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की आवश्यकता है।

Leave a Reply