*“75वें संविधान दिवस पर राजधानी रायपुर के टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में सीएम साय ने जताई संविधान एवं लोकतंत्र में आस्था — फोटोग्राफिक प्रदर्शनी, लघु-फिल्म व जनप्रतिनिधियों संग सेल्फी भी”*

अमृत टुडे रायपुर छत्तीसगढ़ :: 75वें संविधान दिवस के अवसर पर टाउन हॉल में आयोजित ‘‘हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान’’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उपस्थित जनसमूह के साथ भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया। इस दौरान उन्होंने संविधान में निहित लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिकों की अभिव्यक्ति व स्वतंत्रता की गरिमा पर जोर देते हुए कहा कि भारत — विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र — अपनी प्रगति और विश्वास संविधान के प्रति बनाए रखे हुए है। समारोह में छायाचित्र प्रदर्शनी, लघु-फिल्म और जनप्रतिनिधियों व नागरिकों के साथ संवाद भी शामिल रहा।

विवरण :: संविधान में आस्था रखकर आगे बढ़ रहा है विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत:
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित “हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान” कार्यक्रम में हुए शामिल।संविधान की प्रस्तावना का किया गया सामूहिक वाचन …..

आज, राष्ट्रपति भवन के समीप स्थित टाउन हॉल में आयोजित विशेष कार्यक्रम “हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान” के दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराई। यह कार्यक्रम 75वें संविधान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था, जहां मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह के साथ संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया, जिससे वहां उपस्थित जनमानस में संविधान के प्रति गहरी निष्ठा और सम्मान का भाव उत्पन्न हुआ।

कार्यक्रम के दौरान,
मुख्यमंत्री ने संविधान दिवस पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें विभिन्न चित्र और सामग्री के माध्यम से संविधान के महत्व को दर्शाया गया था।

इसके अतिरिक्त,
उन्होंने एक लघु फिल्म भी देखी, जो संविधान के विविध पहलुओं पर प्रकाश डालती थी। मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण अवसर को और भी यादगार बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ एक सेल्फी भी ली, जो उस क्षण की खुशी और उत्साह को दर्शाता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत, जो कि विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, हमेशा से संविधान में अपनी आस्था रखते हुए आगे बढ़ता रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्रता के साथ अपनी बात रखने का अधिकार प्रदान करता है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करता है। इस दिशा में विधायक और सांसद जैसे महत्वपूर्ण पदों पर आम नागरिकों की प्रगति को उन्होंने संविधान की उदार, समावेशी और लोकतांत्रिक व्यवस्था का फल बताया।

मुख्यमंत्री ने संविधान निर्मात्री सभा में देश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों द्वारा संविधान निर्माण में दिए गए अमूल्य योगदान को भी स्मरण किया। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के उन वरिष्ठजनों का उल्लेख किया, जिन्होंने भारत के संविधान के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह ऐतिहासिक भागीदारी आज भी गर्व का विषय है, और इन महान जनप्रतिनिधियों की विचार शीलता, लोकतांत्रिक मूल्य, और राष्ट्रनिर्माण की दृष्टि हमेशा प्रेरणा SOURCE: देंगी।

कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक सुनील सोनी, संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई, जिन्होंने संविधान और उसके महत्व पर विचारों का आदान – प्रदान किया, जिससे यह कार्यक्रम और भी समृद्ध हो गया।

