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*छात्र-सुविधाएं छीने जाने के विरोध में बड़ी संख्या में छात्रों-युवाओं ने किया विरोध, भाजपा सरकार से 4 कड़े सवाल*

अमृत टुडे रायपुर छत्तीसगढ़ :: आज NSUI ने पूर्व विधायक विकास उपाध्याय की मौजूदगी तथा प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय के नेतृत्व में राजधानी रायपुर में एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। यह अभियान उस निर्णय के विरोध में है जिसमें NIT-फूड कोर्ट / फ़ूड ज़ोन को हटाया गया है — जिससे छात्रों की सुविधाएँ तथा युवाओं का रोजगार प्रभावित हुआ है। आंदोलन के माध्यम से NSUI ने सरकार से चार महत्वपूर्ण सवाल किए हैं और कहा है कि संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक अन्याय की भरपाई नहीं की जाती।

विवरण :: एनएसयूआई ने भाजपा सरकार के खिलाफ एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान आरंभ किया है, जिसका उद्देश्य फ़ूड कोर्ट के हटाने और छात्रों की सुविधाओं में हो रही कमी के प्रति विरोध व्यक्त करना है। इस अभियान में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सक्रियता से भाग लेते हुए, हस्ताक्षर कर अपनी असहमति का प्रदर्शन किया है। इसके साथ ही, कांग्रेस पार्टी ने भाजपा सरकार से चार महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं, जिनमें निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

1. सबसे पहले, फ़ूड जोन को स्थापित करने में आई कुल लागत, जो कि ₹6 करोड़ 12 लाख रुपए है, उस राशि की वसूली सरकार किस स्रोत से करने की योजना बना रही है?

2. अगला प्रश्न यह है कि NIT चौपाटी को जिस तरह से हटा दिया गया है, क्या बुढ़ापारा चौपाटी को भी उसी प्रक्रिया के अंतर्गत हटाया जाएगा? यदि ऐसा किया जाएगा, तो राज्य सरकार और निगम प्रशासन से निवेदन है कि हटाने का दिन और समय स्पष्ट किया जाए।

3. तीसरा सवाल यह उठता है कि NIT फ़ूड कोर्ट प्रोजेक्ट बनाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सरकार एवं विधायक राजेश मूणत कब और किस प्रकार की कार्यवाही करेंगे, ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोका जा सके?

4. अंतिम सवाल के रूप में, छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार और विधायक का यह कहना है कि फ़ूड कोर्ट वाली जगह पर नालंदा 2 लाइब्रेरी का निर्माण होना निश्चित है। हालांकि, यह चिंताजनक है कि जिस स्थान पर यह लाइब्रेरी बनने जा रही है, वह मेन रोड के ठीक किनारे स्थित है, जिसका अर्थ है कि वहां 24 घंटे गाड़ियों का आवागमन होगा। इसके अलावा, इसके ठीक पीछे शहर का एकमात्र खुला मैदान है, जहां महीने के 20 दिन विभिन्न कार्यक्रम होते रहते हैं। ऐसे में यह प्रश्न उठता है कि इस परिदृश्य में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई कैसे सुचारू रूप से चल सकेगी, यह एक गंभीर विषय है जिस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

एनएसयूआई ने आज एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें पूर्व विधायक विकास उपाध्याय की उपस्थिति में, प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय के नेतृत्व में छात्रों एवं युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। यह हस्ताक्षर अभियान विशेष रूप से NIT फ़ूड कोर्ट के सामने आयोजित किया गया, जो छात्रों और युवाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक रणनीतिक स्थान था।

यह हस्ताक्षर अभियान भाजपा सरकार द्वारा फ़ूड कोर्ट को हटाने के निर्णय के विरुद्ध आयोजित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप छात्रों और युवाओं से आवश्यक सुविधाएँ और रोज़गार छीन लिए गए हैं। एनएसयूआई ने इस अवसर पर भाजपा सरकार के छात्र-विरोधी रवैये की भर्त्सना की, यह आरोप लगाते हुए कि पिछले कुछ समय में सरकार का रुख छात्रों के प्रति लगातार नकारात्मक रहा है। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने सभा के दौरान भाजपा सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए उल्लेख किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में छात्रों के हित में बनाए गए फ़ूड कोर्ट परिसर का महत्व अत्यधिक था। यहाँ पर प्रतिदिन हज़ारों छात्र-छात्राएँ भोजन, बातचीत और एक सुरक्षित वातावरण का लाभ उठाते थे, लेकिन भाजपा सरकार ने अचानक इस महत्वपूर्ण सुविधा को समाप्त कर दिया।

उपाध्याय ने कहा कि इस प्रकार का कदम न केवल छात्रों को सुविधाओं से वंचित करता है, बल्कि वहाँ काम करने वाले दुकानदारों और युवाओं के रोज़गार पर भी कड़ी चोट करता है। उन्होंने इस अन्याय को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में इसे माफ नहीं किया जाएगा। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने इस संदर्भ में आगे कहते हुए कहा कि सरकार की यह कार्रवाई पूरी तरह से छात्र-विरोधी है, जबकि कांग्रेस सरकार ने छात्रों को सस्ते और गुणवत्तापूर्ण भोजन प्रदान करने के उद्देश्य से एक व्यवस्थित फ़ूड ज़ोन का निर्माण किया था, जिससे प्रतिदिन लगभग हज़ारों छात्रों को लाभ हो रहा था।

हालाँकि, यह स्पष्ट है कि भाजपा सरकार को छात्रों की यह सुविधा स्वीकार्य नहीं थी, जिसके कारण उन्होंने स्टूडेंट हब को तोड़ने का निर्णय लिया। पांडेय ने यह भी स्पष्ट किया कि एनएसयूआई छात्रों के अधिकारों और न्याय की रक्षा के लिए दृढ़ता के साथ संघर्ष करने की प्रतिबद्धता रखती है। उन्होंने यह घोषणा की कि एनएसयूआई का यह हस्ताक्षर अभियान भविष्य में शहर के विभिन्न कॉलेजों, युवा समूहों और सार्वजनिक स्थलों में भी जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस महत्वपूर्ण मुद्दे के प्रति जागरूक किया जा सके।संगठन ने स्पष्ट रूप से यह बात सभी के समक्ष रखी है कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक छात्रों और दुकानदारों के साथ हुए अन्याय की उचित भरपाई नहीं की जाती और उनके हक की रक्षा नहीं होती। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय, और अन्य प्रमुख सदस्यों जैसे अमित शर्मा, हेमंत पाल, शांतनु झा, निखिल वंजारी, महताब हुसैन, पुनेश्वर लहरे एवं गवेष साहू शामिल थे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ भी उपस्थित रहे, जिन्होंने संगठन के उद्देश्यों के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई और इस संघर्ष का समर्थन किया। इस प्रकार का सम्मिलन न केवल समुदाय की एकजुटता को दर्शाता है, बल्कि न्याय के लिए उनकी निष्ठा को भी प्रदर्शित करता है।

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