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जांजगीर चांपा , 12 दिसम्बर 2025

अमृत टुडे।
*10–11 दिसंबर को जिला मुख्यालय ऑडिटोरियम में दो दिवसीय युवा महोत्सव । पारंपरिक कला, लोक नृत्य और साहित्य में युवा प्रतिभाओं ने किया शानदार प्रदर्शन | सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल*

जिला मुख्यालय के ऑडिटोरियम में 10 से 11 दिसंबर तक आयोजित खेल एवं युवा कल्याण महोत्सव में जिलेभर के छात्र-छात्राओं, बालक-बालिकाओं और 15 से 29 वर्ष के प्रतिभागियों ने लोक नृत्य, पंथी नृत्य, सुआ नृत्य, लोक गीत, कहानी और कविता लेखन जैसी विविध विधाओं में शानदार प्रदर्शन किया। लेकिन इस महोत्सव में प्रतिभागियों ने निर्णायक मंडल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कार्यक्रम के नियमों के अनुसार एक प्रतिभागी केवल एक प्रतियोगिता में भाग ले सकता था, लेकिन कुछ प्रतिभागियों ने एक से अधिक प्रतियोगिता मेंभाग लिया। इसके बावजूद निर्णायक मंडल ने एकतरफा निर्णय किया। प्रतिभागियों के विरोध के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे महोत्सव के निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

विवरण :: खेल एवं युवा कल्याण महोत्सव का आयोजन जिला मुख्यालय के ऑडिटोरियम में किया गया, जिसमें खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जिला स्तरीय युवा महोत्सव का आयोजन भव्य स्तर पर संपन्न हुआ। यह आयोजन 10 से 11 दिसम्बर तक दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया, जिससे युवा प्रतिभाओं को अपनी कलाओं और कौशल का प्रदर्शन करने का महत्वपूर्ण अवसर मिला। इस महोत्सव में जिलेभर से सैकड़ों छात्र-छात्राएं, बालक-बालिकाएं एवं अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

महोत्सव के दौरान, 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने पारंपरिक कला, संस्कृति एवं सृजनात्मक प्रतिभा का अद्वितीय प्रदर्शन किया, जिसने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। विभिन्न विधाओं में लोक नृत्य, पंथी नृत्य, सुआ नृत्य, लोक गीत, कहानी लेखन, कविता लेखन आदि शैलीयों में प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

हालांकि, महोत्सव में भाग ले रहे प्रतिभागियों ने निर्णायक मंडल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप यह है कि कार्यक्रम के नियमों के अनुसार एक प्रतिभागी केवल एक बार प्रतियोगिता में भाग ले सकता था, लेकिन यहाँ एक ही प्रतिभागी ने एक से अधिक प्रतियोगिताओं में भाग लिया, जो कि स्पष्ट रूप से इस कार्यक्रम के नियमों के खिलाफ था। इसके बावजूद, कार्यक्रम में उपस्थित निर्णायक मंडलों ने अपने निर्णय में पक्षपात करते हुए एकतरफा फैसला दिया, जिससे प्रतियोगियों में असंतोष उत्पन्न हुआ।

इस विषय पर, प्रतिभागियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन उनकी आवाज़ को अनसुना कर दिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे इस समस्या के प्रति व्यापक जागरूकता बढ़ रही है। महोत्सव के आयोजकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है कि वे भविष्य में इस प्रकार की समस्याओं का समाधान करें और एक पारदर्शी और निष्पक्ष प्रतियोगिता सुनिश्चित करें।

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