*धर्म-राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान को नमन; हजारों ने उठाया लाभ, सेवादारों ने सुनाई अमर गाथा*
रायपुर , अमृत टुडे। छत्तीसगढ़ सिख समाज ने चार साहिबजादों की शहादत सप्ताह पर गरम दूध का लंगर लगाकर मानव सेवा का अनुपम उदाहरण पेश किया। यह लंगर न केवल सेवा का प्रतीक है, बल्कि गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों के बलिदान को श्रद्धांजलि भी।


हजारों नागरिकों ने इसका लाभ उठाया, जबकि सेवादारों ने सरहिंद की उस ऐतिहासिक घटना की गाथा सुनाई जब मोतीराम मेहरा ने ठंड में बच्चों को दूध पिलाने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।
विवरण:: शहादत सप्ताह के इस आयोजन में प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, देवेंद्र सिंह सिब्बल सहित अनेक सेवादारों ने सेवा की।
22 दिसंबर 1704 को चमकौर में अजीत सिंह व जुझार सिंह, तथा 27 दिसंबर को सरहिंद में जोरावर सिंह व फतेह सिंह ने धर्म की रक्षा के लिए प्राण त्यागे। यह लंगर हरवर्ष देश-विदेश में लगाया जाता है।








