“‘शरीर को नुकसान न पहुंचाएं, नेचुरल वेट पर रहें’ – सावरकर भूमिका के लिए 36 किलो वजन घटाया, अब जोड़ों में दर्द; ऐब्स दिखाने वालों पर तंज”
रायपुर , 11 जनवरी 2026
अमृत टुडे। अभिनेता रणदीप हुड्डा ने कहा कि हर इंसान में अच्छा-बुरा करने की क्षमता होती है, जो परिस्थितियों पर निर्भर करती है। ‘हम पैदा कुछ होते हैं, बनते कुछ और।’ वे रोज अपने अंदर के भगवान, शैतान और नादान को खोजते हैं। फिटनेस पर बोले- शरीर को नुकसान न पहुंचाएं। सावरकर भूमिका के लिए 96 से 60 किलो (36 किलो कम) वजन घटाया, जिससे जोड़ों में दर्द हुआ। खाना शुरू करने पर बॉडी ने स्टोरेज मोड चालू कर दिया।
सलाह दी- नेचुरल कम्फर्ट वेट पर रहें, ऐब्स दिखाने वाले कैमरा पर खुश दिखते हैं लेकिन अंदर दुखी रहते हैं। उनकी डॉक्टर बहन मदद करती हैं।

विवरण:: रणदीप हुड्डा ने जीवन और फिटनेस पर गहन विचार साझा किए। उन्होंने कहा, “हर इंसान के अंदर अच्छे से अच्छा और बुरे से बुरा करने की क्षमता होती है। यह परिस्थितियों पर निर्भर करता है। हम पैदा कुछ होते हैं, बनते कुछ और, और रुचि व चाह के अनुसार आगे बढ़ते हैं।” वे खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं जो रोज अपने अंदर के भगवान, शैतान और नादान को खोज पाते हैं।
फिटनेस पर चेतावनी देते हुए बोले, “शरीर को नुकसान न पहुंचाएं। गड़बड़ी मत कीजिए।” उनकी बहन इंटरनल मेडिसिन डॉक्टर हैं, जो मेटाबॉलिक और हार्मोनल बीमारियों की विशेषज्ञ हैं तथा उनकी मदद करती रहती हैं। सावरकर फिल्म के लिए 96 किलो से 60 किलो (36 किलो कम) वजन घटाया, लेकिन प्रोजेक्ट लंबा खिंचने से जोड़ों में दर्द शुरू हो गया। खाना शुरू करने पर शरीर ने ‘भूखे मरने का डर’ महसूस कर वजन जमा करना शुरू कर दिया।
हुड्डा ने कहा, “सभी को ऐब्स दिखाने की जरूरत नहीं। कैमरा पर ऐब्स फ्लॉन्ट करने वाले अंदर से दुखी रहते हैं।” सलाह दी- अपना नेचुरल कम्फर्ट वेट ढूंढें, जहां आप फिट, खुश और सक्रिय रहें। फिटनेस और दिखावा दो अलग चीजें हैं।ये विचार युवाओं के बीच फिटनेस के गलत ट्रेंड्स पर सवाल उठाते हैं, जहां स्वास्थ्य से ज्यादा दिखावा प्राथमिकता बन गया है।


